RGPV Paper Leak: परीक्षा से पहले WhatsApp पर बिका फार्मेसी का पेपर, MP में 3 छात्र गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार

RGPV Paper Leak: आरजीपीवी की डिप्लोमा फार्मेसी पूरक परीक्षा का प्रश्नपत्र ग्वालियर में परीक्षा शुरू होने से पहले व्हाट्सएप पर बेचा गया. पुलिस ने तीन छात्रों को पकड़ा है, जबकि कंप्यूटर ऑपरेटर मास्टरमाइंड फरार है. पढ़िए पूरी खबर.

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RGPV डिप्लोमा फार्मेसी परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक, पुलिस का एक्शन

RGPV Paper Leak: मध्यप्रदेश की सबसे बड़ी तकनीकी यूनिवर्सिटी राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (RGPV) की परीक्षा प्रणाली एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है. डिप्लोमा फार्मेसी की पूरक परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र के लीक होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है. 6 अप्रैल को ग्वालियर में हुई परीक्षा से पहले छात्रों को व्हाट्सएप पर पेपर भेजे गए और इसके बदले 700 से 1000 रुपये तक की वसूली की गई. पुलिस ने तीन छात्रों को हिरासत में लिया है, जबकि इस पूरे कांड का मास्टरमाइंड बताया जा रहा कंप्यूटर ऑपरेटर फरार है.

परीक्षा से पहले वायरल हुआ प्रश्नपत्र

आरजीपीवी से संबद्ध कॉलेजों में 6 अप्रैल को डिप्लोमा फार्मेसी (हॉस्पिटल एंड क्लीनिकल फार्मेसी) विषय की पूरक परीक्षा आयोजित की गई थी. यह परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक होनी थी. लेकिन परीक्षा शुरू होने से पहले ही ग्वालियर स्थित आरएनएस इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी के बाहर छात्रों के मोबाइल फोन पर वही प्रश्नपत्र देखा गया, जिससे परीक्षा की गोपनीयता पूरी तरह भंग हो गई.

वीडियो वायरल होने के बाद हुआ खुलासा

परीक्षा के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें कुछ छात्र मोबाइल पर पेपर दिखाते हुए सौदेबाजी करते नजर आए. इस वीडियो को आरजीपीवी के परीक्षा नियंत्रक योगेंद्र राठौर को भी भेजा गया. वीडियो में साफ दावा किया गया कि पेपर परीक्षा से पहले ही उपलब्ध था. इसके बाद पूरे मामले की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई.

RGPV Paper Leak: आरजीपीवी पेपर आउट

879 छात्रों ने दी थी परीक्षा

आरजीपीवी से संबद्ध 255 कॉलेजों में इंजीनियरिंग और फार्मेसी की परीक्षाएं कराई जा रही हैं. 6 अप्रैल को डिप्लोमा फार्मेसी की इस पूरक परीक्षा में 879 छात्र शामिल हुए थे. इतने बड़े स्तर पर परीक्षा होने के बावजूद प्रश्नपत्र का पहले लीक होना परीक्षा व्यवस्था की गंभीर खामी को उजागर करता है.

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इन छात्रों ने की थी सौदेबाजी

जांच में सामने आया कि परीक्षा केंद्र के बाहर कुछ छात्र खुलेआम पेपर दिखाकर सौदेबाजी कर रहे थे. जिन छात्रों की पहचान हुई, उनमें सोहेल मलिक (IPTE फार्मेसी कॉलेज, पिपरौली), वीरेंद्र सिंह धाकड़ (वीईई अकादमी, शालूपुरा), किशन धाकड़ और दीपक धाकड़ शामिल हैं. वीडियो में अंकेश धाकड़ अपने मोबाइल में पेपर होने का दावा करते हुए रुपये लेने की बात करता दिखाई दे रहा था.

तीन आरोपी गिरफ्तार, सभी छात्र

पुलिस जांच में अब तक तीन छात्रों को गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गए आरोपियों में अरविंद सिंह धाकड़ (शिवनाथ कॉलेज), अंकेश सिंह धाकड़ (निवासी पौहरी) और जीतेश कुशवाह (एनआईटीआई) शामिल हैं. पुलिस के मुताबिक, इन छात्रों ने एक-दूसरे को प्रश्नपत्र फॉरवर्ड किया था.

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कंप्यूटर ऑपरेटर पर शक, फरार

पकड़े गए छात्रों ने पूछताछ में खुलासा किया कि उन्हें प्रश्नपत्र शिवनाथ कॉलेज के कंप्यूटर ऑपरेटर राज सक्सेना ने भेजा था. पुलिस का कहना है कि दीपेश कुशवाह को भी यही पेपर राज सक्सेना ने व्हाट्सएप पर भेजा था. फिलहाल आरोपी राज सक्सेना फरार है और उसकी तलाश की जा रही है.

अन्य परीक्षाओं के पेपर भी मिले मोबाइल में

पुलिस की जांच में बड़ा खुलासा यह हुआ कि पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल फोन में अन्य परीक्षाओं के प्रश्नपत्र भी मिले हैं. इन पेपरों के भी लीक होने की आशंका है. पुलिस इन सभी मामलों की तस्दीक कर रही है.

700 से 1000 रुपये में बेचा गया पेपर

पुलिस के मुताबिक, मोबाइल चैट और लेन-देन के सबूतों से पता चला है कि प्रश्नपत्र 700 से 1000 रुपये में बेचा गया था. यह संगठित तरीके से किया गया सौदा प्रतीत हो रहा है.

CCTV में खुला खेल

सीएसपी नागेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि आरएनएस कॉलेज के सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई. फुटेज में देखा गया कि परीक्षा केंद्र में प्रश्नपत्र का पैकेट सुबह 10:54 बजे खोला गया, जबकि छात्र 10:45 बजे ही बाहर मोबाइल में पेपर देख रहे थे. इससे यह साफ हो गया कि पेपर परीक्षा केंद्र खुलने से पहले ही आउट हो चुका था. जांच में यह भी सामने आया कि यही परीक्षा पहले 13 मार्च को होनी थी और तब यह पेपर झांसी रोड थाने तक पहुंच चुका था. 13 मार्च को अवकाश होने के कारण परीक्षा 6 अप्रैल को कराई गई, लेकिन उसी पुराने पेपर का दुरुपयोग किया गया.

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राज की गिरफ्तारी से होंगे और खुलासे

पुलिस का मानना है कि कंप्यूटर ऑपरेटर राज सक्सेना की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े और नाम तथा तरीके सामने आ सकते हैं. फिलहाल मामला शिक्षा व्यवस्था की साख से जुड़ा हुआ माना जा रहा है और जांच तेज कर दी गई है.

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