TI Threatens Elderly Viral Video: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले से कानून को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. ब्यावरा के सिटी थाने से जुड़ा एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वर्दी में बैठे अधिकारी ही कानून की मर्यादाओं को तोड़ते नजर आ रहे हैं. वीडियो में थाना प्रभारी (टीआई) पर एक बुजुर्ग को धमकाने, बिना वारंट घर में घुसकर तलाशी लेने और परिवार को डराने-धमकाने के गंभीर आरोप दिख रहे हैं. इस घटना ने लोगों के मन में पुलिस की भूमिका को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
राजगढ़ से मनीष राठौर की रिपोर्ट...
बिना वारंट घर में घुसने का आरोप
मामला राजगढ़ जिले के ब्यावरा शहर का बताया जा रहा है. आरोप है कि सिटी थाना प्रभारी टीआई वीरेंद्र धाकड़ अपनी टीम के साथ बिना किसी सर्च वारंट के एक महिला के घर में जबरन घुस गए. कानून के अनुसार इस तरह की कार्रवाई के लिए अनुमति और तय प्रक्रिया का पालन जरूरी होता है, लेकिन वीडियो में इन नियमों की अनदेखी साफ नजर आ रही है.
महिला पुलिसकर्मी की गैरमौजूदगी पर सवाल
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिस घर में पुलिस ने तलाशी ली, वहां कोई भी महिला पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थी. यह सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन माना जाता है. ऐसे मामलों में महिला से जुड़े किसी भी कार्रवाई के दौरान महिला पुलिसकर्मी की मौजूदगी अनिवार्य होती है.
वीडियो में सुनाई दे रही धमकियां
पीड़ित परिवार द्वारा बनाए गए वीडियो में टीआई और उनकी टीम की भाषा साफ तौर पर धमकाने वाली बताई जा रही है. वीडियो में कथित तौर पर बुजुर्ग व्यक्ति को यह कहते हुए सुना जा रहा है कि “बुढ़ापे में जीवन खराब कर दूंगा.” इस तरह के शब्दों ने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है.
पैसों के लेन-देन से जुड़ा बताया जा रहा मामला
जानकारी के मुताबिक यह पूरा विवाद किसी आपसी लेन-देन से जुड़ा हुआ है. आरोप है कि पैसे की वापसी को लेकर टीआई ने नियमों को ताक पर रखते हुए पीड़ितों पर दबाव बनाने की कोशिश की. वीडियो में टीआई अपनी ‘धाकड़गिरी' दिखाते नजर आ रहे हैं, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया है.
सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल वीडियो
यह वीडियो कथित तौर पर दो-तीन दिन पुराना बताया जा रहा है, जिसे अब पीड़िता ने सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किया है. वीडियो सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और लोग इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाने लगे हैं.
अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं
फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. हालांकि, वीडियो के वायरल होते ही निष्पक्ष जांच की मांग तेज हो गई है. लोगों का कहना है कि अगर आरोप सही हैं, तो ऐसे अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए ताकि कानून पर से भरोसा बना रहे.














