D Ed Candidate Protest Raipur: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नया रायपुर तूता क्षेत्र में नौकरी (Assistant Teacher Recruitment Chhattisgarh) की मांग को लेकर डीएड अभ्यर्थियों का आंदोलन (D.Ed Candidate Demonstration Raipur) लगातार तेज होता जा रहा है. शनिवार को डीएड अभ्यर्थियों के आमरण अनशन का 81वां दिन रहा. इस दौरान अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों को लेकर दंडवत प्रणाम करते हुए विधानसभा घेराव के लिए मार्च निकालने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें आधे रास्ते में ही रोक दिया. अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.
D Ed Candidate Protest Raipur: दंडवत प्रदर्शन
पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका, एसडीएम मौके पर पहुंचे
प्रदर्शन की जानकारी मिलते ही मौके पर प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए. इस दौरान एसडीएम ने अभ्यर्थियों को समझाइश देते हुए बताया कि वे बॉन्ड भरकर अनशन पर बैठे हैं, इसलिए उन्हें आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती. प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि यदि अभ्यर्थी जबरन आगे बढ़ने का प्रयास करते हैं, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.
24 दिसंबर से अनिश्चितकालीन आमरण अनशन
गौरतलब है कि डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर से नया रायपुर तूता में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं. अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि 2300 से अधिक सहायक शिक्षक पदों पर शीघ्र नियुक्ति की जाए. आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि वे लगातार शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.
D Ed Candidate Protest Raipur: प्रदर्शन करते अभ्यर्थी
कोर्ट के आदेश के बावजूद नियुक्ति नहीं
अभ्यर्थियों ने बताया कि इस मामले में बिलासपुर हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल 2024 और 26 सितंबर 2025 को तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट ने 28 अगस्त 2024 को स्पष्ट आदेश दिए थे कि 2621 बर्खास्त बीएड सहायक शिक्षकों के स्थान पर 2621 डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी जाए. इसके बावजूद शिक्षा विभाग की लापरवाही के चलते आज भी 1326 पात्र डीएड अभ्यर्थी नियुक्ति से वंचित हैं.
शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप
प्रदर्शन कर रहे डीएड अभ्यर्थियों ने शिक्षा विभाग पर गंभीर आरोप लगाए हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि विभाग ने 2621 पदों पर डीएड अभ्यर्थियों को कॉमन मेरिट लिस्ट से बिना दस्तावेज सत्यापन के ही स्कूल अलॉटमेंट कर दिया. इसके कारण केवल 1299 पात्र अभ्यर्थियों को ही नियुक्ति मिल सकी. अभ्यर्थियों के अनुसार, लगभग 1316 ऐसे अभ्यर्थियों को भी स्कूल अलॉटमेंट कर दिया गया, जिनके पास डीएड या टीईटी प्रमाणपत्र नहीं था या जो आयु सीमा के दायरे से बाहर थे. इसी प्रशासनिक चूक के चलते सैकड़ों पात्र अभ्यर्थी आज भी नौकरी से वंचित हैं.
न्याय और नियुक्ति की मांग पर अड़े अभ्यर्थी
डीएड अभ्यर्थियों का कहना है कि वे किसी प्रकार की रियायत नहीं, बल्कि न्यायालय के आदेश के अनुसार न्यायपूर्ण नियुक्ति की मांग कर रहे हैं. अभ्यर्थियों ने सरकार से मांग की है कि कोर्ट के आदेश का तत्काल पालन करते हुए सभी पात्र डीएड अभ्यर्थियों को शीघ्र नियुक्ति दी जाए, ताकि उनका भविष्य सुरक्षित हो सके.
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