MP में महाकाल महालोक के बाद अब श्री पशुपतिनाथ लोक; जानिए क्या कुछ है खास, ऐसे प्लान कर सकते हैं ट्रिप

Pashupatinath Mandir Mandsaur: श्री पशुपतिनाथ लोक का लोकार्पण मंदसौर जिले की धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन पहचान को नई दिशा देता है. नए विकसित सुविधाओं और भव्य परिसर के साथ यह क्षेत्र अब श्रद्धालुओं और पर्यटकों दोनों के लिए एक आकर्षक तीर्थ-गंतव्य बन गया है.

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Shri Pashupatinath Lok: MP में महाकाल महालोक के बाद अब श्री पशुपतिनाथ लोक; जानिए क्या कुछ है खास, ऐसे प्लान कर सकते हैं ट्रिप

Shri Pashupatinath Lok Mandsaur: मध्य प्रदेश के मंदसौर में बने श्री पशुपतिनाथ लोक का गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकार्पण किया. लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के पहले चरण का उद्‌घाटन हुआ. कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने सबसे पहले श्री पशुपतिनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा की और मंदिर की पुरानी व वर्तमान स्थिति दर्शाने वाली फोटो प्रदर्शनी देखी. मुख्यमंत्री ने पालकी में विराजित रजत प्रतिमा की पूजा की और फिर ई-कार्ट में बैठकर पूरे परिसर का भ्रमण किया. उन्होंने 22 फीट ऊंचे त्रिनेत्र रुद्राकनी का अनावरण भी किया, जिसके केंद्र में स्थापित रुद्राक्ष भगवान शिव के त्रिनेत्र स्वरूप की झलक देता है. एमफीथियेटर परिसर में बनी यज्ञशाला में मुख्यमंत्री ने मंत्रोच्चार के साथ पूर्णाहुति भी दी.

ये सब है खास

अधिकारियों ने बताया कि "पशुपतिनाथ लोक मंदसौर की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जिसे और अधिक भव्य बनाया गया है. शिवना नदी की बहती जलधारा के समीप स्थित यह लोक पहले से कहीं अधिक आकर्षक एवं मनमोहक हो गया है. चार प्रवेश द्वारों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही सुनिश्चित की गई है. पशुपतिनाथ लोक में श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ओपन एयर थियेटर का निर्माण किया गया है, जहां सांस्कृतिक एवं रंगमंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे. श्रद्धालुओं की संख्या अधिक होने पर उन्हें असुविधा न हो, इसके लिए प्रतीक्षालय की व्यवस्था की गई है. आपात परिस्थितियों के लिए प्राथमिक चिकित्सा कक्ष भी बनाया गया है. मंदिर परिसर में शिव-लीलाओं पर आधारित आकर्षक म्यूरल वॉल एवं पशुपतिनाथ महादेव प्रतिमा के इतिहास पर आधारित पेंटिंग्स श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक अनुभूति प्रदान करती हैं. पशुपतिनाथ लोक में सत्संग भवन, उद्यान, शिव स्तंभ, म्यूरल वॉल, सेल्फी प्वाइंट तथा सुव्यवस्थित पाथवे का निर्माण किया गया है, जिससे पूरा परिसर तीर्थनगरी के स्वरूप में विकसित हुआ है."

Shri Pashupatinath Lok: श्री पशुपतिनाथ लोक

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए

  • चार प्रवेश द्वार
  • ओपन एयर थिएटर
  • प्रतीक्षालय
  • प्राथमिक चिकित्सा कक्ष
  • शिव-लीलाओं पर आधारित म्यूरल वॉल
  • सत्संग भवन और उद्यान
  • सेल्फी पॉइंट और सुव्यवस्थित पाथवे

श्री पशुपतिनाथ मंदिर की यात्रा कैसे करें?

यह मंदिर मध्य प्रदेश के मंदसौर में स्थित है. इसकी सबसे बड़ी विशेषता है अष्टमुखी शिवलिंग, जो देश में दुर्लभ है.
शिवना नदी के तट पर स्थित यह मंदिर 5वीं–6वीं शताब्दी के प्राचीन इतिहास को समेटे हुए है. दर्शन में शिव के आठ रूप (बाल्य से वृद्धावस्था तक) का प्रतीकात्मक स्वरूप देखने को मिलता है.

यात्रा की प्लानिंग कब जाएं?

अक्टूबर से फरवरी के बीच सबसे बेहतर और सुखद मौसम रहता है. मानसून में भारी वर्षा होने से नदी का जलस्तर बढ़ सकता है, इसलिए इस मौसम से बचना बेहतर होगा.

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दर्शन का समय

मंदिर प्रतिदिन सुबह 6 बजे से शाम तक खुला रहता है. हल्के, शालीन और आरामदायक वेशभूषा पहनना उपयुक्त.

कैसे पहुँचें?

  • रेल: मंदसौर रेलवे स्टेशन सबसे नजदीक (3–5 किमी).
  • सड़क: रतलाम 85 किमी, उज्जैन 123 किमी, इंदौर लगभग 200 किमी.
  • हवाई मार्ग: निकटतम एयरपोर्ट — इंदौर और उदयपुर.

दर्शन के टिप्स

सुबह जल्दी पहुंचने पर भीड़ कम मिलेगी. शिवना नदी के प्राकृतिक किनारे पर थोड़ा समय जरूर बिताएं. मंदिर परिसर में मोबाइल/कैमरा उपयोग से पहले अनुमति जांच लें. स्थानीय दुकानों में उपलब्ध प्रसाद और क्षेत्रीय स्नैक्स जरूर चखें.

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