मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहां रविवार शाम एक हिंदू संगठन के सदस्यों ने एक मुस्लिम युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की और उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया. महज एक हिंदू महिला के साथ संबंध होने के संदेह में युवक के चेहरे पर स्याही और गोबर पोतकर उसका जुलूस निकाला गया.
यह पूरी घटना गोविंदपुरा थाना क्षेत्र के अंतर्गत गौतम नगर स्थित प्राइड होटल की है. बताया जा रहा है कि एक हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को सूचना मिली थी कि एक मुस्लिम युवक और हिंदू युवती होटल में साथ ठहरे हुए हैं. इसके बाद भीड़ ने होटल में धावा बोल दिया. भीड़ जबरन कमरे में घुसी और जोड़े को बाहर खींच लाई. संगठन के सदस्यों ने युवक पर कथित "लव जिहाद" का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया. हालांकि, युवती लगातार चिल्ला कर कहती रही कि वह पिछले 5 वर्षों से युवक के साथ सहमति से Live-in relationship में रह रही है, लेकिन भीड़ ने उसकी एक नहीं सुनी.
मारपीट और सार्वजनिक अपमान
जहांगीराबाद निवासी 27 वर्षीय पीड़ित युवक आरिफ खान को भीड़ ने बुरी तरह पीटा. उसे अर्ध-नग्न अवस्था में लाया गया और उसके चेहरे पर स्याही और गाय का गोबर मल दिया गया. इतना ही नहीं, उसे इसी हालत में सड़क पर घुमाया गया और बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया.
युवती ने आरोपों को किया खारिज
हालांकि, इस मामले में अयोध्या नगर निवासी युवती गोविंदपुरा थाने में पुलिस को स्पष्ट बताया कि वह अपनी मर्जी से आरिफ से मिलने आई थी. उसने किसी भी तरह के जबरन धर्म परिवर्तन, यौन दुराचार या दबाव की बात से साफ इनकार किया. युवती ने बताया कि उसके घर पर पुरुष मित्रों के आने पर पाबंदी है, इसलिए उन्होंने निजी तौर पर मिलने के लिए होटल आई थी. उसने आरिफ के खिलाफ कोई भी शिकायत दर्ज कराने से मना कर दिया.
पुलिस ने किसी के खिलाफ नहीं की कोई कार्रवाई
गोविंदपुरा थाना प्रभारी अवधेश सिंह तोमर ने बताया कि फिलहाल मारपीट को लेकर किसी पक्ष ने औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है. हालांकि, पुलिस जांच में यह सामने आया कि आरिफ खान का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है. उसके खिलाफ धोखाधड़ी, चोरी और विश्वासघात जैसे आधा दर्जन से अधिक मामले भोपाल के विभिन्न थानों में दर्ज हैं और पांच मामले कोर्ट में लंबित हैं. वह हाल ही में जमानत पर बाहर आया था. पुलिस ने सभी पक्षों की काउंसलिंग कर उन्हें कड़ी चेतावनी के साथ छोड़ दिया है.
कथित लव जिहाद के आरोप और सच्चाई में है बड़ा अंतर
दरअसल, राज्य में इन दिनों लव जिहाद के नाम पर मुस्लिम युवकों को प्रताड़ित करना एक फैशन बन गया. हालांकि, ऐसे आरोपों और उसकी हकीकत में जमीन-आसमान जैसा अंतर है. मध्य प्रदेश विधानसभा में पेश किए गए सरकारी आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश में जनवरी 2020 से जुलाई 2025 के बीच प्रदेश में 'मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम' के तहत 283 मामले दर्ज किए गए. इनमें सबसे ज्यादा 74 मामले इंदौर में और 33 मामले भोपाल में दर्ज हुए. इस तरह वर्तमान में 197 मामले अदालतों में लंबित हैं. जिन 86 मामलों में जांच पूरी हुई और फैसला आया, उनमें से 50 मामलों में आरोपी बरी हो गए, जबकि केवल 7 मामलों में ही दोषसिद्धि (सजा) हो सकी है. यह घटना और ये आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि बिना ठोस सबूतों के भीड़ द्वारा किया गया न्याय न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि सामाजिक सद्भाव के लिए भी एक गंभीर चुनौती है.














