Maoist Leader Devji Story: दशकों तक वह जंगलों में एक फुसफुसाहट था और इंटेलिजेंस की फाइलों में दर्ज एक परछाईं... वायरलेस पर कोड वर्ड्स में लिए जाने वाले नाम... थिप्पिरी तिरुपति, कुमा दादा, देवजी, चेतन, संजीव, सुदर्शन और रमेश. ये नाम जरूर साथ थे, लेकन आदमी सिर्फ एक था. 22 फरवरी को वही आदमी, जो इन सात पहचानों के पीछे जीता रहा, अचानक जंगल से बाहर आया और तेलंगाना पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
65 साल की उम्र, लगभग चार दशकों तक उग्रवाद अपने कंधों पर लिए, सीपीआई माओवादी का जनरल सेक्रेटरी और पोलित ब्यूरो सदस्य रह चुके नक्सली देवजी ने तेलंगाना के मुलुगु जिले में हथियार डाले. सुरक्षा एजेंसियां इसे हाल के वर्षों की सबसे बड़ी सफलता बता रही हैं. अकेले छत्तीसगढ़ में देवजी पर डेढ़ करोड़ रुपये का इनाम था, अलग-अलग राज्यों में घोषित कुल इनाम करोड़ों में है. लेकिन, देवजी की कहानी किसी बंदूक की नली से नहीं, एक क्लासरूम से शुरू हुई थी. आइए, अब विस्तार से जानते हैं देवजी की कहानी, जिसके सात नाम, लेकिन सिर्फ एक पहचान दुर्दांत नक्सली...
रेडिकल छात्र से रेड कमांडर तक
साल था 1981-82, रैयतु कुल्ली संगम की एक विशाल सभा हुई, जिसे उस दौर में ऐतिहासिक कहा गया. इस आयोजन के पीछे था एक युवा आयोजक तिरुपति्. भीड़ जुटाने और विचार गढ़ने की उसकी क्षमता पहली बार सामने आई. 1982 में वह तेलंगाना के जगतियाल जिले के कोरुटला में इंटरमीडिएट का छात्र था. रेडिकल स्टूडेंट्स यूनियन की ओर उसका झुकाव हुआ. 1983 में उसने औपचारिक रूप से सीपीआई एमएल पीपुल्स वॉर ग्रुप जॉइन कर लिया. इसके तुरंत बाद पार्टी ने उसे 1983-84 में दंडकारण्य भेज दिया. यह एक ऐसा फैसला था जिसने उसकी पूरी ज़िंदगी की दिशा तय कर दी.
गढ़चिरौली में बिताए 15 साल
1996 में सैन्य प्लाटून का पहला कमांडर बना
अंबेडकर नगर का एक दलित युवक, वेंकट नरसैया का बेटा धीरे-धीरे माओवादी सैन्य ढांचे के सबसे खतरनाक रणनीतिकारों में गिना जाने लगा. 1996 में जब दंडकारण्य में माओवादियों ने अपना पहला सैन्य प्लाटून बनाया, तिरुपति उसका पहला कमांडर बना. यहीं से वह पूरी तरह सैन्य विंग का हिस्सा हो गया, AK47 उसके कंधे का स्थायी हिस्सा बन गई.
2001 में युवा सदस्य, 2025 में संगठन का जनरल सेक्रेटरी
2001 में वह पार्टी की सेंट्रल कमेटी का सदस्य बना, उस समय वह सबसे युवा सदस्यों में गिना जाता था. इसके साथ ही वह सेंट्रल मिलिट्री कमीशन में भी शामिल हुआ. संगठन की सैन्य रणनीति के केंद्र में उसकी जगह पक्की हो चुकी थी. 2004 में पीपुल्स वॉर और माओवादियों के विलय के बाद भी वह शीर्ष नेतृत्व में बना रहा. 2018 में जब बसवा राजू जनरल सेक्रेटरी बना, देवजी पहले से ही इनर सर्कल में था. मई 2025 में बसवा राजू के एनकाउंटर के बाद देवजी को संगठन का जनरल सेक्रेटरी बना दिया गया. तब तक उसके हाथ देश में सबसे खूनी अध्यायों से रंग चुके थे.
रानीबोदली... आग की वह रात
15 मार्च 2007, होली के तीन दिन बाद, बीजापुर के रानीबोदली गांव में आधी रात, 55 सीआरपीएफ जवान अपने कैंप में सो रहे थे. अचानक उन्हें तीन ओर से घेरा गया, गोलियों और बमों की बारिश शुरू हो गई. चार घंटे तक अंधेरे में गोलियां धधकती रहीं. सुबह जब गांव वाले पहुंचे तो 55 जले हुए शव पड़े थे. हमले को एक महिला कमांडर ने अंजाम दिया था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक इसकी रणनीति देवजी ने तैयार की थी. सलवा जुडूम के दौर में यह हमला राज्य को दिया गया खौफनाक संदेश माना गया. खुफिया अधिकारियों के अनुसार, देवजी ने इलाके का अध्ययन किया, फॉर्मेशन तय किया और पूरा ब्लूप्रिंट तैयार किया.
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दक्षिण बस्तर का रणनीतिकार
देवजी ने तेलंगाना, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और दंडकारण्य बेल्ट में काम किया, वह संगठन का बिल्डर भी था और मिलिट्री ट्रेनर भी. उसने कैडर तैयार किए, यूनिट्स स्ट्रक्चर कीं, घातक एंबुश डिज़ाइन किए।. इंटेलिजेंस एजेंसियां उसे उन पांच छह प्रमुख चेहरों में गिनती थीं जो हर बड़े हमले की रणनीति तय करते थे. सरकारी डोजियर उसे सेंट्रल मिलिट्री कमीशन का मुख्य रणनीतिकार बताते हैं. दशकों तक वह भूमिगत रहा, शायद ही कभी फोटो में दिखा, हमेशा गतिशील, हमेशा छाया में ... फिर आया 22 फरवरी 2026.
देवजी-मल्ला राजिरेड्डी सरेंडर के बाद अब कितने नक्सली बचे, 31 मार्च 2026 से पहले किनका हुआ खात्मा?
नक्सलवाद पर निर्णायक कार्रवाई
देवजी का आत्मसमर्पण 31 मार्च की उस समयसीमा से कुछ ही हफ्ते पहले हुआ, जिसे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर निर्णायक कार्रवाई के लिए सार्वजनिक किया था. सुरक्षा एजेंसियां इसे माओवादी ढांचे पर मनोवैज्ञानिक और संरचनात्मक चोट मान रही हैं. पुलिस के मुताबिक, स्पेशल इंटेलिजेंस ब्रांच और जिला पुलिस की मौजूदगी में देवजी ने सरेंडर किया. दक्षिण बस्तर तेलंगाना बॉर्डर क्षेत्र से जुड़े कई पुराने कैडर भी साथ आए.
जंगल की वर्दी उतरी, अब सवाल बाकी
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