दशकों से लाल आतंक के साए में दबे चेहरों पर सुरक्षा बलों के सिविक एक्शन प्रोग्राम ने बिखेरी मुस्कान

53rd Battalion's New Camp: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक भारत से नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे का लक्ष्य रखा है, वह धरातल पर सार्थक होता दिख रहा है. ताजा उदाहरण 53वीं वाहिनी के नवीन कैंप आदिंगपार में दिखा, जहां सुरक्षा बलों व ग्रामीणों के बीच की दूरियां खत्म हो रही हैं. यहां गोलियों की गूंज शांत हो रही हैं, विकास व विश्वास की नई इबारत लिखी जा रही है.

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SECURITY FORCES' CIVIC ACTION PROGRAM OVERSHADOWED RED TERROR

Security Forces' Civic Action Program: छत्तीसगढ़ में नक्सलियों के खात्मे का दिन बेहद नजदीक पहुंच चुका है. बुधवार को छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से सरेंडर कर हथियार डाल चुके 108 नक्सलियों की घटना ने सुरक्षा बलों को अब लक्ष्य के बिल्कुल करीब पहुंचा दिया है. दशकों से लाल आंतक के साए से जूझ रहे इलाकों में तस्वीर तेजी बदली है, जहां नक्सली का चोला ओढ़े लोग हथियार छोड़कर मुख्य धारा में लौटने चुके हैं. 

 केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 31 मार्च 2026 तक भारत से नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे का लक्ष्य रखा है, वह धरातल पर सार्थक होता दिख रहा है. ताजा उदाहरण 53वीं वाहिनी के नवीन कैंप आदिंगपार में दिखा, जहां सुरक्षा बलों व ग्रामीणों के बीच की दूरियां खत्म हो रही हैं. यहां गोलियों की गूंज शांत हो रही हैं, विकास व विश्वास की नई इबारत लिखी जा रही है.

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सिविक एक्शन प्रोग्राम ने ग्रामीणों के चेहरों पर बिखेरी मुस्कान

रिपोर्ट के मुताबिक सुरक्षा बलों के सिविक एक्शन प्रोग्राम ने ग्रामीणों के चेहरों पर वो मुस्कान बिखेरी है, जिसे दशकों से लाल आतंक के साए ने दबा रखा था. तारीख 11 मार्च 2026, स्थान COB - आदिंगपार, यह नजारा गवाह है उस बदलती सोच का, जहां वर्दी अब केवल सुरक्षा का ही नहीं, बल्कि सेवा और सहयोग का भी प्रतीक बन चुकी है.

स्थानीय ग्रामीणों के बीच के सामंजस्य को मिली एक नई ऊंचाई

गौरतलब है 53वीं वाहिनी के कमांडेंट संजय कुमार के मार्गदर्शन और डिप्टी कमांडेंट तेजवीर सिंह के नेतृत्व में आयोजित 'सिविक एक्शन प्रोग्राम' (CAP) ने सुरक्षा बलों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच के सामंजस्य को एक नई ऊंचाई दी है. जैसे-जैसे 31 मार्च 2026 की ऐतिहासिक तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे ग्रामीण क्षेत्रों में 'सच्ची आजादी' का अनुभव होने लगा है.

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डिप्टी कमांडेंट के नेतृत्व में आयोजित 'सिविक एक्शन प्रोग्राम' में पहुंचने वाले ग्रामीणों की आंखों में अब खौफ नहीं, बल्कि भविष्य की उम्मीदें हैं. वितरण कार्यक्रम के दौरान जब बुजुर्गों और युवाओं को आवश्यक सामग्री और दवाइयां मिलीं, तो उनके चेहरों की मुस्कान ने यह बता दिया कि विकास की मुख्यधारा अब उनके दरवाज़े पर दस्तक दे चुकी है.

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स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए 'नशा मुक्ति' जागरूकता अभियान

सुरक्षा बलों ने एक स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए 'नशा मुक्ति' जागरूकता अभियान शुरू किया. इसके तहत ग्रामीणों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए उन्हें एक बेहतर जीवन जीने के लिए प्रेरित किया. कार्यक्रम के अंत में जब सुरक्षा बलों और ग्रामीणों ने एक साथ बैठकर भोजन किया, तो उस विजन को मजबूती मिली, जिसमें सुरक्षा बल और जनता एक साथ मिलकर नक्सलवाद की जड़ें उखाड़ फेंकने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

लाल आतंक के साए में जीने को मजबूर रहे इलाकों में पहुंची शांति

उल्लेखनीय है दशकों से लाल आतंक के साए में जीने को मजबूर रहे इलाकों में रहने वाला आज हर व्यक्ति शांति को महसूस कर रहा है. वह असली आजादी को समझ पा रहा है, जहां विकास सबके लिए समान है. कहा जा सकता है कि यह कार्यक्रम मात्र एक वितरण समारोह नहीं था, बल्कि यह घोषणा थी कि अब लाल गलियारे में लोकतंत्र की जड़ें गहरी हो चुकी हैं. ग्रामीणों ने खुले दिल से सुरक्षा बलों के मानवीय चेहरे की सराहना की.

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