MP News: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) ने कहा है कि खेती-किसानी और हमारी संस्कृति आपस में जुड़े हुए हैं. हमारा पारम्परिक जीवन, कलाएं और बहुरूपी मौखिक परंपराएं कृषि के मूल से ही उत्पन्न होते हैं और यही कृषि लोकरंग (Krishi Lokrang) मनाने का आधार है. उन्होंने कहा कि भोपाल सहित प्रदेश के अन्य संभागों और अंचलों में कृषि लोकरंग - 2026 पूरी गरिमा और भव्यता के साथ मनाया जाये. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अब प्रदेश में कृषि आधारित रोजगारपरक उद्योगों के समावेशी विकास लक्ष्य को लेकर कृषि कैबिनेट (Krishi Cabinet) आयोजित की जाएगी. ये बातें मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव मंगलवार को सीएम हाउस में कहीं.
कृषि ग्राम सभा जैसे आयोजन होंगे : मुख्यमंत्री
सीएम ने कहा कि किसान कल्याण, स्वाभिमान एवं पर्व कृषि ग्राम सभा जैसे आयोजन सहित कृषि से जुड़े उन्नत उपकरणों के क्रेता-विक्रेताओं का सम्मेलन, कृषि उत्सव और किसान मेले भी आयोजित किए जाएंगे. किसानों को सरकार की हर योजना का लाभ दिलाया जायेगा. मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि सभ्यता हमारी परम्पराओं से भीतर तकजुड़ी हुई है, इसलिए ग्रामीणों, युवाओं और विद्यार्थियों को भी भावनात्मक रूप से खेती-किसानी से जोड़ा जाए. सफल किसानों के एग्री बिजनेस मॉडल भी बताए जाएं, ताकि दूसरे किसान भी इनसे प्रेरणा लें.
भोपाल में कृषि लोकरंग
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि कृषि लोकरंग वास्तव में ग्राम पंचायतों एवं विकास खंड स्तर पर नागरिकों और युवाओं को खेती से जोड़ने और इसके व्यापक लोकव्यापीकरण का प्रयास है. लोकरंग के दौरान प्रदेश के बड़े कस्बों और बड़े शहरों में सरकार द्वारा कृषि और किसानों के कल्याण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी सांस्कृतिक एवं नाट्य प्रस्तुतियों और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से दी जाएगी.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि लोकरंग को जन-जन का उत्सव बनाने के लिए आकर्षक देशी वेशभूषा जैसे पगड़ी, धोती, साफा आदि सहित पुराने देशज बीज संग्रहण/संचयन के प्रोत्साहन से जुड़ी प्रतियोगिता, लखपति किसानों की प्रतियोगिता, अच्छी नर्सरी और बगीचे वालों की प्रतियोगिता और सायकिल प्रतियोगिता जैसे आयोजन भी किए जाएं.
किसान कल्याण वर्ष का बनाएं आकर्षक लोगो
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2026 को 'कृषक कल्याण वर्ष' घोषित किया है. इस आयोजन को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस वर्ष का एक आकर्षक लोगो तैयार करें. सोयाबीन, मूंग, उड़द, मक्का एवं अन्य फसलों का उत्पादन करने वाले किसानों को बुलाकर दूसरे किसानों के समक्ष उनकी सफलता बताने को कहा जाए.
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