- एमपी के राजगढ़ स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की प्रतिमाएं आधी रात को गायब हो गईं.
- मंदिर के पुजारी विष्णुदास सखा ने वीडियो में बताया कि उन्हें धमकाया गया और मजबूरी में मूर्तियां लेकर जाना पड़ा.
- एक वीडियो में स्थानीय व्यक्ति ने पुजारी से अभद्र भाषा का प्रयोग किया और पुलिस की जांच पर आपत्ति जताई.
Jagannath Temple Idols Missing: मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में वह सुबह भक्त कभी नहीं भूल पाएंगे, जब वे भगवान जगन्नाथ की आरती करने मंदिर पहुंचे, लेकिन मंदिर की शांत और वीरान चौखट ने उनका दिल दहला दिया. जहां हमेशा जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की दिव्य मूर्तियां विराजमान रहती थीं, वहां का सिंहासन खाली था. यह दृश्य देखकर श्रद्धालु डॉ. एस प्रसाद खुद को रोक न सके और मंदिर परिसर में ही बैठकर फूट‑फूटकर रो पड़े. कहने लगे “मेरे जगन्नाथ मुझे छोड़कर चले गए… राक्षसों की वजह से मेरे भगवान हमें छोड़कर चले गए…”
पढ़ें NDTV से मनीष राठौर की रिपोर्ट...
आधी रात को गायब हो गई मूर्तियां
घटना की जानकारी मिलते ही खिलचीपुर पुलिस मंदिर पहुंची और तुरंत जांच शुरू की. जब पुलिस ने रात की CCTV फुटेज देखी, तो उसमें साफ दिखाई दिया कि देर रात पुजारी विष्णुदास सखा मंदिर में प्रवेश करते हैं. वह गेट बंद करते हैं, पर्दे लगाते हैं और फिर भगवान जगन्नाथ की प्रतिमा के पास जाकर प्रणाम करते हैं. जल लेकर मंत्रोच्चार करते हैं और कुछ देर बाद मंदिर की लाइट और CCTV कैमरे बंद कर देते हैं. इसके बाद वे अंदरूनी खिड़की से तीनों प्रतिमाओं को दूसरे कमरे में ले जाते हैं और फिर कार में बैठकर मंदिर परिसर से बाहर निकल जाते हैं.
चलती कार में पुजारी ने बताई पीड़ा
घटना के बाद पुजारी विष्णुदास सखा ने चलती कार में ही एक वीडियो रिकॉर्ड किया. उन्होंने कहा कि “हरे कृष्णा… मैं विष्णु सखा दास बोल रहा हूं. मैं भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की सेवा में था. लेकिन कई दिनों से मुझे प्रताड़ित किया जा रहा था. गालियां दी गईं, धमकाया गया, मेरे साथ मारपीट भी हुई. मुझे कहा गया यहाँ से निकल जाओ.” उन्होंने आगे कहा कि उन्होंने पुलिस से शिकायत की कोशिश की, लेकिन “कुछ लोगों ने फोन कर शिकायत लिखने से मना करवा दिया.” पुजारी ने अपने टूटे दिल से कहा कि “मैं अपनी इच्छा से नहीं जा रहा… मैं मजबूरी में भगवान को लेकर जा रहा हूं. मेरी मदद के लिए कोई नहीं आया.”
अभद्रता का वीडियो भी आया सामने
इस बीच एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें भंवरलाल नाम का व्यक्ति मंदिर में आकर पुजारी से अभद्र भाषा में बात कर रहा है. वह कहता है कि “मंदिर में पुलिस क्यों आ रही है? हम यहां गांजा बेचेंगे, पिलाएंगे… जो करना है कर लो. थाने में रिपोर्ट कर दो, विधायक‑सांसद से कह दो.” इस वीडियो ने पूरी घटना को और गंभीर बना दिया और इस बात के संकेत दिए कि पुजारी जिस दबाव और धमकी की बात कर रहे थे, वह बेबुनियाद नहीं थी.
2021 में हुई थी प्रतिमाओं की स्थापना
जिस मंदिर से मूर्तियां गायब हुईं, वह खिलचीपुर की सरकारी जमीन पर बने संत सोहन दास महाराज के आश्रम के पास स्थित है. वर्ष 2021 में रामनवमी के दिन, जगन्नाथ पुरी से लाई गई भगवान जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा की प्रतिमाओं को यहां स्थापित किया गया था. यह स्थापना वृंदावन के संत गोलोक वृंदावन दास महाराज के मार्गदर्शन में और सोहनदास महाराज की अनुमति से की गई थी. समय के साथ यह स्थान स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र बन गया. यहां नियमित रूप से भजन‑कीर्तन, आरती और धार्मिक कार्यक्रम होने लगे. हर साल रथ यात्रा भी बड़े धूमधाम से निकलती थी.
पांच सालों से सेवा में लगे थे पुजारी
वृंदावन से आए विष्णुदास सखा पिछले पाँच वर्षों से मंदिर की सेवा कर रहे थे. वे मंदिर परिसर में ही एक छोटे कमरे में रहते थे और पूरे समर्पण के साथ भगवान की पूजा‑सेवा में लगे रहते थे. स्थानीय लोग भी उन्हें एक शांत, सरल और भक्तिमय पुजारी के रूप में जानते थे.
गांजा पीने वालों का अड्डा बनती जमीन
बताया जा रहा है कि जिस जमीन पर मंदिर बना है, वह सरकारी है. मंदिर के पास कुछ असामाजिक तत्व अक्सर बैठकर गांजा पीते थे. धीरे‑धीरे उनका जमावड़ा बढ़ गया और आरोप है कि ये लोग जमीन पर कब्जा करना चाहते थे. पुजारी शिकायत करते रहे, लेकिन इससे स्थिति और बिगड़ती गई. हाल ही में गांजा पीने और अभद्रता की शिकायत पुलिस तक पहुंची, जिसके बाद पुलिस जांच करने लगी और यही बात उन असामाजिक तत्वों को पसंद नहीं आई.














