IAS Madhya pradesh: मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है, जिसमें चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पता चला है कि मध्य प्रदेश कैडर में भारतीय प्रशासनिक सेवा के 9 ऐसे आईएएस रहे हैं, जिनके कलेक्टर-अपन कलेक्टर रहते हुए (Tribal Land Sold MP) आदिवासियों की 1500 एकड़ जमीन बिक गई.
मध्य प्रदेश विधानसभा बजट सत्र
मध्य प्रदेश में आदिवासी भूमि बेचने की यह जानकारी गुरुवार को विधानसभा बजट सत्र में कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के सवाल के जवाब राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने दी है. अकेले इंदौर जिले में आदिवासियों की करीब 500 एकड़ जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की मंजूरी दी गई. ये अनुमतियां छह आईएएस ने दी थीं.
इन कलेक्टरों ने दी जमीन बेचने की मंजूरी
खबरों के अनुसार के अनुसार तत्कालीन जिला कलेक्टर व अपर कलेक्टर रहते हुए आईएएस राकेश श्रीवास्तव ने 9.94 हेक्टेयर, राघवेंद्र सिंह ने 2.25 हेक्टेयर, रवींद्र सिंह ने 1.92 हेक्टेयर, आशुतोष अवस्थी ने 192 हेक्टेयर, जेपी आइरिन ने 4 हेक्टेयर, पी नरहरी ने 6.20 हेक्टेयर, इलैया राजा टी ने 1 हेक्टेयर, निशांत वरवडे ने 2.5 हेक्टेयर व आनंद शर्मा ने 1.25 हेक्टेयर बेचने की मंजूरी दी.
कांग्रेस विधायक बाला बच्चन vs राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा
कांग्रेस विधायक बाला बच्चन के सवाल के जवाब में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने यह भी जानकारी दी कि खंडवा जिले में सबसे ज्यादा 288.631 हेक्टेयर जमीन गैर आदिवासियों को बेचने की मंजूरी दी गई, जो साल 2009 से 2023 के बीच जिला कलेक्टर पद पर रहने वाले आईएएस ने दी.
बता दें कि मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से चल रहा है, जो 16 मार्च तक चलेगा. इस बीच मध्य प्रदेश वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को वित्तीय वर्ष 2026-27 के बीच बजट पेश कर चुके हैं. विपक्षी दल भाजपा सरकार को बजट सत्र में इंदौर दूषित पानी, कफ सिरप कांड आदि को लेकर घेरने की कोशिश कर रही है.














