Gwalior Fake Cards: ग्वालियर पुलिस ने शहर में फर्जी सिम कार्ड के बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है. पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया है कि एक POS (पॉइंट ऑफ सेल) शॉप संचालक ने एक ही व्यक्ति के आधार और फोटो का इस्तेमाल कर सैकड़ों लोगों के नाम पर फर्जी सिम कार्ड जारी कर दिए. पुलिस को आशंका है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी में किया गया होगा.
दरअसल, पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन 'FACE' (फेशियल ऑथेंटिकेशन कम्प्लायंस इंफोर्समेंट) के तहत ग्वालियर पुलिस ने पहली बड़ी कार्रवाई की है. मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब जिस व्यक्ति की फोटो सिम फॉर्म में लगाई जा रही थी, वह खुद पुलिस के पास पहुंच गया. इस मामले में झांसी रोड थाना पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है. अब तक पुलिस ने ऐसी 7 फर्जी सिम बरामद की हैं, जो एक ही क्षेत्र के लोगों के नाम से जारी की गई थीं और उनमें फोटो आरोपी आशीष की लगी थी.
हर सिम पर हजारों की कमाई
एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि आशीष ग्राहकों की जगह अपनी फोटो लगाकर सिम एक्टिवेट करता था. बदले में उसे हर सिम पर 500 रुपए मिलते थे. वहीं, मास्टरमाइंड भिंड का रहने वाला उमेश कुशवाह एक सिम के लिए एक से डेढ़ हजार रुपए तक वसूलता था.
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आरोपी अंडरग्राउंड हो गए
मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी अंडरग्राउंड हो गए हैं. पुलिस को आशंका है कि इन फर्जी सिम कार्ड्स का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी में किया गया है. इस नेटवर्क के खुलासे के बाद कई साइबर फ्रॉड के मामलों का भी खुलासा हो सकता है.
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