Chhattisgarh Gang Rape Case: छत्तीसगढ़ के दुर्ग से एक बेहद गंभीर और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है. यहां एक नाबालिग लड़की के साथ कई वर्षों तक सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का आरोप लगा है. पीड़िता सालों तक डर और दबाव में चुप रही, लेकिन जब उसने हिम्मत जुटाकर अपनी मां को पूरी आपबीती बताई, तब जाकर इस अमानवीय अपराध का खुलासा हो सका. मामले के सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई.
मां को बताई आपबीती, थाने पहुंचा मामला
पीड़िता ने काफी समय बाद अपनी मां को बताया कि उसके साथ लगातार गलत होता रहा है. मां ने बिना देर किए 30 जनवरी को भिलाई के महिला थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद पुलिस ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की.
2018 से 2025 तक जारी रहा अत्याचार
शिकायत के अनुसार, अप्रैल 2018 से अक्टूबर 2025 तक कुल छह लोगों ने नाबालिग लड़की के साथ बार‑बार दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म किया. पीड़िता के नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद आरोपियों ने यह कृत्य जारी रखा. लंबे समय तक यह सिलसिला चलने से पीड़िता मानसिक और शारीरिक रूप से बुरी तरह टूट चुकी थी.
POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज
शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने नाबालिग से दुष्कर्म का मामला दर्ज करते हुए POCSO एक्ट समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस पंजीबद्ध किया. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू से जांच की जा रही है.
दो आरोपी गिरफ्तार, चार की तलाश जारी
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. इनमें पहला आरोपी विजय स्वाइन (37 वर्ष), दुर्गा नगर भिलाई का रहने वाला है, जो एक बड़े होटल में मैनेजर बताया जा रहा है. दूसरा आरोपी अनिल चौधरी (60 वर्ष), भिलाई के खुर्सीपार इलाके का निवासी है. बाकी चार आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है.
राजनीतिक रसूख वाले व्यक्ति के करीबी पर भी शक
मामले में यह भी चर्चा है कि आरोपियों में से एक शहर के एक बड़े नेता का करीबी बताया जा रहा है. हालांकि इस संबंध में पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कोई नाम सामने नहीं रखा है. पुलिस का कहना है कि चाहे आरोपी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, कानून के दायरे में लाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
पीड़िता को न्याय दिलाने की कोशिश
दुर्ग पुलिस का कहना है कि पीड़िता को पूरी सुरक्षा और कानूनी सहायता दी जा रही है. मामले की जांच तेजी से की जा रही है ताकि फरार आरोपियों को जल्द पकड़ा जा सके और पीड़िता को न्याय मिल सके.














