ध्वजारोहण की शान बढ़ाने पहुंचे समर्पण कर चुके 9 हार्डकोर नक्सली, कभी थे गणतंत्र के दुश्मन

धमतरी में आयोजित गणतंत्र दिवस समारोह इस बार इसलिए विशेष रहा क्योंकि 47 लाख के इनामी 9 सरेंडर किए हुए हार्डकोर नक्सली भी कार्यक्रम में शामिल हुए. एकलव्य खेल मैदान में ध्वजारोहण, परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के बीच नक्सलियों ने अपनी बात रखी और मुख्य धारा में लौटने के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया.

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Republic Day Chhattisgarh Event: धमतरी में गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम इस बार खास रहा. जिले के एकलव्य खेल मैदान में आयोजित मुख्य समारोह में सरेंडर किए हुए 9 हार्डकोर नक्सली भी शामिल हुए. इनमें 7 महिला और 2 पुरुष नक्सली थे, जिन पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था. कार्यक्रम में ध्वजारोहण, परेड और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ इन नक्सलियों से बातचीत भी हुई, जिसमें उन्होंने मुख्य धारा में लौटने का अपना अनुभव साझा किया.

मुख्य समारोह: ध्वजारोहण, परेड और सम्मान

धमतरी के एकलव्य खेल मैदान में 26 जनवरी का मुख्य समारोह धूमधाम से मनाया गया. कुरूद विधायक अजय चंद्राकर ने ध्वजारोहण किया, राष्ट्रगान के बाद परेड कमांडर ने राष्ट्रीय ध्वज को सलामी दी. मुख्य अतिथि ने परेड का निरीक्षण किया और बैंड की धुन पर मार्च‑पास्ट हुआ. इसके बाद मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन, परेड निष्क्रमण और स्कूलों के सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति हुई. 

विभिन्न शासकीय विभागों की झांकियां भी निकाली गईं और उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी‑कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र दिए गए. मौके पर कलेक्टर अबिनाश मिश्रा, एसपी सूरज सिंह परिहार, प्रशासनिक अधिकारी, भाजपा‑कांग्रेस के नेता‑कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र‑छात्राएं मौजूद रहे.

9 हार्डकोर नक्सली मुख्य धारा में शामिल

23 जनवरी को आत्मसमर्पण करने वाले 9 हार्डकोर नक्सली (7 महिलाएं, 2 पुरुष) को कार्यक्रम में शामिल किया गया. बताया गया कि इन पर कुल 47 लाख रुपये का इनाम घोषित था. उन्हें समारोह का हिस्सा इसलिए बनाया गया ताकि उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ा जा सके और पुनर्वास योजनाओं का लाभ दिया जा सके. सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच ये सभी मंच और दर्शकदीर्घा में बैठकर कार्यक्रम देखते रहे.

सरेंडर नक्सलियों की बातचीत

कार्यक्रम के दौरान मौजूद सरेंडर नक्सलियों ने कहा कि पहले वे अपने साथियों के साथ जंगल में ‘लाल सलाम' का झंडा फहराते थे और 26 जनवरी भी वहीं मनाते थे. लेकिन अब उन्होंने हथियार छोड़कर परिवार और समाज के बीच वापस आने का फैसला लिया है. उनका कहना है कि सरकार की सुविधाओं और पुनर्वास योजनाओं की जानकारी मिलने, साथियों के मारे जाने और कमजोर पड़ती ताकत के कारण उन्होंने सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण किया. अब वे सामाजिक जीवन में नई शुरुआत करना चाहते हैं.

धमतरी को नक्सल‑मुक्त बताकर विधायक का संदेश

मुख्य अतिथि अजय चंद्राकर ने क्षेत्रवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दीं और कहा कि धमतरी का क्षेत्र 26 जनवरी से पहले ही नक्सल‑मुक्त हो चुका है. उन्होंने पुलिस बल, सुरक्षा कर्मियों और प्रशासन को बधाई दी. साथ ही कहा कि 31 मार्च के बाद धमतरी जिले के लिए एक नई सुबह होगी यानी विकास, शांति और अवसरों पर जोर के साथ आगे बढ़ने का समय.

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