No Vote, No Road: वोट नहीं तो काम, वोट नहीं तो रोड़ नहीं, यानी जो वोट देगा नेता उसी का काम करेंगे. यह तरह के नारे या कहावत आपने अक्सर सुने होंगे. लेकिन, मध्य प्रदेश में देवास जिले में यह सच साबित हो गया है. जहां की सरपंच ने वोट नहीं देने पर गली की पूरी सड़क बनवा दी, लेकिन उस घर के सामने की जगह को खाली छोड़ दिया गया, जिसने उसे वोट नहीं दिए थे. आइए विस्तार से जानते हैं यह हैरान करने वाला मामला.
दरअसल, देवास जिला मुख्यालय से करीब 7 किलोमीटर दूर एक् नागूखेड़ी गांव है. यहां की सरपंच यशोदा हैं. गांव के विकास के लिए उन्होंने गलियों की रोड बनवाई. पूरी सड़क बनाई गई, लेकिन बीच में एक घर के सामने की जगह छोड़ दी गई. परिवार और आसपास के लोगों ने इसका विरोध किया तो सरपंच ने कहा कि आपके घर के सामने अतिक्रमण है. लेकिन, परिवार नहीं माना. इस पर सरपंच की ओर से कहा गया कि जिससे कहना है कह दो रोड नहीं बनेगी, क्योंकि तुमने हमे वोट नहीं दिया था.
कलेक्टर और सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत, कार्रवाई नहीं
घर के सामने सड़क नहीं बनने से परेशान अरुण कहते हैं, पूरी गली में सिर्फ मेरे ही घर के सामने सड़क नहीं है. जो सड़क बनी है उसमें भी भ्रष्टाचार हुआ है. सड़क बनाने के समय नाली नहीं बनाई गई, जिससे घरों का गंदा पानी सड़क पर आता है, कई बार वह मेरे घर में भी घुस जाता है. सरपंच यशोदा ने हमसे कहा कि वोट नहीं दिया था, इसलिए घर के सामने का रोड नहीं बनाया. इसकी शिकायत हमनें कई बार कलेक्टर और सीएम हेल्पलाइन में की. इसके बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई.
पड़ोसियों ने भी लगाए गंभीर आरोप
पीड़ित अरुण के घर के आसपास रहने वाले पड़ोसियों ने भी सरपंच पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि हमने भी सरपंच से सड़क बनवाने के लिए कहा था, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ भी करो, किसी से भी बोलो सड़क नहीं बनेगी.
कुछ नहीं बोलीं सरपंच
इस पूरे मामले को लेकर NDTV ने सरपंच यशोदा से बात करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया.














