Chhattisgarh Naxal Surrender 2026: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में बड़ी सफलता मिली है. बीजापुर जिले में गुरुवार को 52 नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया. इन नक्सलियों पर कुल 1.45 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था. यह कदम राज्य में शांति और विश्वास की नई तस्वीर पेश करता है.
बीजापुर में 52 नक्सलियों का आत्मसमर्पण
बीजापुर एसपी और सीआरपीएफ अधिकारियों के सामने इन नक्सलियों ने हथियार डाल दिए. आत्मसमर्पण करने वालों में डीव्हीसीएम, पीपीसीएम, एसीएम, डिवीजन ब्यूरो पार्टी सदस्य, मिलिशिया कमांडर, PLGA और विभिन्न जनताना सरकार पदाधिकारी शामिल हैं. इनमें 21 महिलाएं और 31 पुरुष हैं.
पूना मारगेम अभियान का असर
यह आत्मसमर्पण राज्य सरकार की ‘पूना मारगेम: पुनर्वास से पुनर्जीवन' योजना के तहत हुआ है. इस अभियान का उद्देश्य नक्सलियों को हिंसा छोड़कर समाज में वापस लाना है. इसी योजना के तहत इन सभी को मुख्यधारा में शामिल किया गया.
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सुकमा में भी हुआ था सरेंडर
इससे पहले सुकमा जिले में भी 29 नक्सलियों ने हथियार डाले थे. इनमें एक नक्सली पर दो लाख रुपये का इनाम था. यह सरेंडर गोगुंडा क्षेत्र में हुआ था, जहां नक्सली लंबे समय से सक्रिय थे.
824 नक्सली मुख्यधारा में लौटे
अधिकारियों ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति ‘‘छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति -2025'' के तहत 50-50 हजार रूपए प्रोत्साहन राशि और अन्य सुविधाएं दी जाएंगी.
एक जनवरी 2024 से अब तक बीजापुर में 824 नक्सली मुख्यधारा में लौट चुके हैं, 1126 गिरफ्तार हुए और 223 मुठभेड़ों में मारे गए.
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