Chaitanya Baghel Raipur CG: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने शराब घोटाला मामले से जुड़े प्रवर्तन निदेशालय (ED) और एंटी-करप्शन ब्यूरो/इकोनॉमिक ऑफेंस विंग (ACB/EOW) के दोनों मामलों में सशर्त जमानत दे दी है.
168 दिन जेल में रहने के बाद 3 जनवरी 2026 को चैतन्य बघेल रायपुर सेंट्रल जेल से रिहा हुए. उनकी रिहाई के दौरान भावुक क्षण देखने को मिले, जब पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल खुद गाड़ी चलाकर बेटे को लेने जेल पहुंचे.
मिठाई बांटकर रिहाई का जश्न मनाया
जेल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समर्थकों की भारी भीड़ जमा रही. ढोल-नगाड़ों के साथ नारेबाजी हुई, मिठाइयां बांटी गईं और पटाखे फोड़े गए. चैतन्य बघेल ने जेल से बाहर आते ही कहा कि सत्य की जीत हुई है. मैं शुरू से कहता आ रहा था कि इस मामले में मैं निर्दोष हूं. आज मेरा जन्मदिन है और परिवार के लिए यह खुशी का दिन है.
सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं- भूपेश बघेल
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि यह सत्य की जीत है. सत्य परेशान हो सकता है, लेकिन पराजित नहीं होता. उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों को टारगेट कर केंद्रीय जांच एजेंसियां कार्रवाई कर रही हैं.
चैतन्य बघेल को ED ने 18 जुलाई 2025 को मनी लॉन्ड्रिंग जांच के तहत गिरफ्तार किया था. इसके बाद ACB/EOW ने सितंबर 2025 में भ्रष्टाचार के मामले में जेल में ही उन्हें गिरफ्तार किया. जांच एजेंसियों के अनुसार यह कथित शराब घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान पहुंचा.
चैतन्य बघेल पर क्या आरोप?
ED का आरोप है कि चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट के संरक्षक थे और करीब 1,000 करोड़ रुपये का लेन-देन उन्होंने संभाला. वहीं ACB/EOW का दावा है कि उन्हें 200 से 250 करोड़ रुपये का हिस्सा मिला और घोटाले की कुल रकम 3,200 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है.
चैतन्य बघेल के वकील फैसल रिजवी ने बताया कि ED के मामले में एक लाख रुपये और EOW के दो प्रकरणों में एक-एक लाख रुपये की जमानत राशि पर राहत दी गई है. कोर्ट ने जांच में सहयोग करने के निर्देश भी दिए हैं.
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