Improve Digestion: अनहेल्दी लाइफस्टाइल और खराब खानपान के चलते पेट से जुड़ी समस्याएं बहुत आम हो गई है. अक्सर लोग सुबह पेट सही से साफ नहीं होने की शिकायत करते हैं. ऐसे में लोग सुबह-सुबह मल त्याग के लिए जोर लगाना पड़ता है. लंबे समय तक पेट साफ नहीं होता तो कब्ज की समस्या हो जाती है और पाचन कमजोर हो जाता है, लेकिन लंबे समय तक अनदेखी करने पर यह स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकती है. कई लोग बाजार में मिलने वाले आयुर्वेदिक पाउडर या दवाइयों का सेवन करते हैं, लेकिन इनका अत्यधिक उपयोग आंतों के लिए हानिकारक हो सकता है. पोषण विशेषज्ञ सलोनी के अनुसार, पाउडर खाने के बजाय प्रकृति द्वारा दिए गए तीन फलों का सेवन पाचन के लिए और कब्ज का सबसे सुरक्षित और प्राकृतिक उपाय है.
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कीवी
कीवी पेट के लिए में बहुत कारगर मानी जाती है. इसमें 'एक्टिनिडिन' नामक प्राकृतिक एंजाइम होता है, जो पाचन क्रिया को तेज करने में मदद करता है. साथ ही, कीवी में घुलनशील फाइबर भरपूर मात्रा में होता है. यह फाइबर मल को नरम बनाता है, जिससे वह आसानी से आंतों से होकर गुजरता है और पेट को साफ करने में मदद करता है. कीवी उन लोगों के लिए एक बेहतरीन प्राकृतिक औषधि है जो लंबे समय से कब्ज से परेशान हैं.
अमरूदअमरूद कई पोषण विशेषज्ञों का पसंदीदा फल है, क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा बहुत अधिक होती है. अमरूद में मौजूद घुलनशील फाइबर मल त्याग में सहायक होता है. पोषण विशेषज्ञ सलोनी के अनुसार, बीजों सहित अमरूद खाना अधिक लाभदायक होता है, क्योंकि बीज प्राकृतिक रेचक का काम करते हैं. नियमित रूप से अमरूद का सेवन करने से पेट की सफाई की समस्या हमेशा के लिए दूर हो सकती है.
पपीता पेट के स्वास्थ्य के लिए वरदान माना जाता है. पपीते में 'पैपेन' नामक एक पाचक एंजाइम होता है, जो भोजन में मौजूद प्रोटीन के पाचन में सुधार करता है. इसके अलावा पपीता फाइबर और पानी से भरपूर होता है. पपीते में मौजूद पानी मल को नरम रखता है और आंतों की जकड़न को दूर करता है. सुबह खाली पेट पपीता खाने से पाचन क्रिया सक्रिय हो जाती है और कब्ज से तुरंत राहत मिलती है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.