क्या आपका बच्चा भी काटता, मारता या बाल खींचता है? तो पेरेंट्स इन टिप्स को करें फॉलो

Parenting Tips: छोटे बच्चों का काटना या बाल खींचना बुरा बर्ताव नहीं बल्कि, उनके दिमागी विकास का हिस्सा है. इस दौरान पेरेंट्स को शांत रहकर, ज़ोरदार रिएक्शन से बचते हुए और पॉजिटिव रीडायरेक्शन के जरिए बच्चे को सही तरीका सिखाना चाहिए.

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Parenting Tips: क्या आपका बच्चा भी काटता या मारता है? ये टिप्स करें फॉलो.

Parenting Tips: छोटे बच्चों का बाल खींचना, काटना या चुटकी लेना पेरेंट्स के लिए परेशान करने वाला हो सकता है. कई बार ऐसा बर्ताव देखकर पेरेंट्स घबरा जाते हैं और उन्हें लगने लगता है कि कहीं उनका बच्चा काफी ज्यादा जिद्दी या बात ना मानने वाला तो नहीं बन रहा है. लेकिन एक्सपर्ट्स मानते हैं कि इस उम्र में ऐसा व्यवहार बुरी आदत या बदतमीजी नहीं, बल्कि बच्चे के दिमाग के विकास का एक हिस्सा होता है.

बच्चे ऐसा क्यों करते हैं? (Why children do this)

टॉडलर यानी 1 से 3 साल की उम्र में बच्चे अपनी भावनाओं को शब्दों में बयां नहीं कर पाते. उनका दिमाग अभी सीख रहा होता है कि छूने, खींचने या काटने से सामने वाले को दर्द हो सकता है. कई बार वे सिर्फ़ यह देखने के लिए ऐसा करते हैं कि उनके एक्शन पर आपको कैसा रिएक्शन आता है. यह उनके लिए एक तरह का एक्सपेरिमेंट और गेम होता है, वो ऐसा किसी को नुकसान पहुंचाने के लिए नहीं करते.

पेरेंट्स की उम्मीदें कैसी हों?

इस स्टेज पर बच्चों से ये उम्मीद करना कि वो तुरंत आपकी बात मान जाएंगे, तो आपकी ये सोच गलत है.  इंपल्स कंट्रोल यानी खुद को रोकने की क्षमता धीरे-धीरे सालों में विकसित होती है. इसलिए बार-बार समझाना, धैर्य रखना और एक जैसा रिस्पॉन्स देना बहुत ज़रूरी है.

रिएक्शन देने से कैसे बचें?

जब बच्चा आपको काटता या बाल खींचता है और आप ज़ोर से चिल्लाते हैं, तो कई बार बच्चा इसे एक इंटरेस्टिंग रिएक्शन समझ लेता है. इससे वह वही हरकत दोबारा कर सकता है. बेहतर है कि आप शांत लेकिन सख़्त आवाज़ में “आउच” या “नहीं” कहें और धीरे से उसका हाथ या मुंह हटाएं. साथ ही आसान शब्दों में बताएं कि इससे दर्द होता है.

पॉजिटिव रीडायरेक्शन है सही तरीका

सिर्फ़ मना करने के बजाय बच्चे को एक सेफ ऑप्शन देना ज़्यादा फायदेमंद होता है. अगर बच्चा काटता है, तो उसे चबाने के लिए टीथर दें. अगर वह बाल खींचता है, तो कहें कि “हम हाथ से प्यार करते हैं” और उसे गले लगाने या खिलौने से खेलने की तरफ मोड़ दें. माहौल बदलना, जैसे दूसरे कमरे में ले जाना, भी ध्यान हटाने में मदद करता है.

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