जेब में फोन रखने के नुकसान: डॉक्टर ने बताया चलते हुए मोबाइल को जेब में क्यों नहीं रखना चाहिए

Why shouldn't you keep your phone in your pocket: चलते-फिरते, काम करते हुए या बाहर जाते समय हम अक्सर फोन को पैंट या शर्ट की जेब मेंरख लेते हैं. अब, ये आदत हर किसी आम लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके ऐसा करने से आपको गंभीर नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं? आइए जानते हैं कैसे-

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जेब में फोन रखना क्यों नुकसानदेह है?

Why shouldn't you keep your phone in your pocket: आज के समय में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुका है. चलते-फिरते, काम करते हुए या बाहर जाते समय हम अक्सर फोन को पैंट या शर्ट की जेब मेंरख लेते हैं. अब, ये आदत हर किसी आम लगती है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके ऐसा करने से आपको गंभीर नुकसान भी झेलने पड़ सकते हैं? फर्टिलिटी और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट डॉक्टर क्रिस्टाबेल अकिनोला ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक पोस्ट शेयर की है. इस पोस्ट में डॉक्टर ने जेब में मोबाइल फोन रखने के कुछ ऐसे ही नुकसान बताए हैं. डॉक्टर ने चेतावनी दी है और बताया है कि जेब में फोन रखना हार्मोन, फर्टिलिटी और ओवरऑल हेल्थ को नुकसान पहुंचा सकता है. आइए जानते हैं कैसे- 

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जेब में फोन रखना क्यों नुकसानदेह है?

डॉक्टर क्रिस्टाबेल कहती हैं, मोबाइल फोन कोई साधारण चीज नहीं है. यह लगातार रेडियो फ्रीक्वेंसी इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन और गर्मी पैदा करता है, खासकर तब जब मोबाइल का डेटा ऑन हो, नोटिफिकेशन आ रहे हों या ऐप्स बैकग्राउंड में चल रहे हों. हालांकि, इसे 'नॉन-आयोनाइजिंग रेडिएशन' कहा जाता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि इसका शरीर पर कोई असर नहीं होता है. खुद मोबाइल कंपनियां, जैसे Apple, फोन को लंबे समय तक शरीर से चिपकाकर न रखने की सलाह देती हैं.

फर्टिलिटी पर हो सकता है असर

डॉक्टर क्रिस्टाबेल के अनुसार, जानवरों पर हुई एक स्टडीज में यह पाया गया है कि मोबाइल रेडिएशन के पास रहने से ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस बढ़ता है, जिससे रिप्रोडक्टिव टिशू को नुकसान पहुंचता है. इंसानों में भी रिसर्च बताती है कि जो पुरुष लगातार फोन को जेब में रखते हैं, उनमें- 

  • स्पर्म काउंट कम हो सकता है
  • स्पर्म की मूवमेंट और क्वालिटी घट सकती है
  • DNA डैमेज का खतरा बढ़ सकता है, जिससे मिसकैरेज का रिस्क बढ़ता है.

महिलाओं पर रिसर्च अभी सीमित है, लेकिन चिंता की बात यह है कि महिलाओं के अंडाणु (eggs) जन्म से ही तय होते हैं और नए बनते नहीं हैं. ऐसे में लंबे समय तक फोन का एक्सपोजर उनके लिए और भी संवेदनशील हो सकता है.

और भी हो सकते हैं नुकसान 

डॉक्टर आगे बताती हैं,  पेल्विक एरिया में शरीर के बड़े लिम्फ नोड्स होते हैं, जो इंफ्लेमेशन और टॉक्सिन्स को साफ करने में मदद करते हैं. लगातार गर्मी और रेडिएशन इस प्रोसेस को धीमा कर सकता है. इसके अलावा, WHO ने भी मोबाइल रेडिएशन को 'Possible Carcinogen' यानी संभावित कैंसर कारक की श्रेणी में रखा है.

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क्या करना चाहिए?
  • इन तमाम नुकसान से बचने के लिए फोन को पैंट की जेब में रखने से बचें. इससे अलग-
  • फोन को हमेशा अपने बैग, जैकेट या डेस्क पर रखें. 
  • सोते समय फोन को पेट या पेल्विक एरिया के पास न रखें.
  • तकिए के नीचे फोन रखकर न सोएं.
  • शरीर और फोन के बीच थोड़ी दूरी बनाए रखें.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.
 

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