देर रात जागना, जंक फूड खाना छोड़िए, आयुष मंत्रालय ने बताया क्यों हेल्दी लाइफ के लिए जरूरी है अनुसाशन

Healthy Lifestyle Tips: मंत्रालय का कहना है कि सेहत के मामले में असली आजादी स्वच्छंदता नहीं, बल्कि अनुशासन है. वह अनुशासन जो हमें अपने शरीर और मन के लिए सही विकल्प चुनना सिखाता है.

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Healthy Lifestyle Tips: आत्म-अनुशासन हमें सोच-समझकर निर्णय लेना सिखाता है.

Daily Routine Tips: गणतंत्र दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व नहीं, बल्कि यह हमें अपने जीवन, आदतों और जिम्मेदारियों पर दोबारा सोचने का अवसर भी देता है. इसी मौके पर आयुष मंत्रालय ने स्वास्थ्य को “आजादी” से जोड़ते हुए एक गहरा और प्रेरक संदेश दिया है. आमतौर पर हम आजादी को मनमर्जी से जीने के रूप में समझ लेते हैं, जो मन आया खाया, देर रात तक जागे, शरीर की जरूरतों को नजरअंदाज किया. लेकिन, मंत्रालय का कहना है कि सेहत के मामले में असली आजादी स्वच्छंदता नहीं, बल्कि अनुशासन है. वह अनुशासन जो हमें अपने शरीर और मन के लिए सही विकल्प चुनना सिखाता है.

मंत्रालय के अनुसार, जब हम समय पर सोते हैं, मौसमी और ताजा भोजन करते हैं, रेगुलर एक्सरसाइज और ध्यान अपनाते हैं, तभी हम खुद को बीमारियों, सुस्ती और कमजोरी से मुक्त कर पाते हैं. यह आजादी किसी बंधन की तरह नहीं, बल्कि आत्म-सम्मान का सबसे ऊंचा रूप है. इसका अर्थ है छोटी-छोटी तात्कालिक खुशियों को छोड़कर लंबे समय तक चलने वाले स्वास्थ्य और ऊर्जा को प्राथमिकता देना.

आत्म-अनुशासन क्यों है जरूरी?

आत्म-अनुशासन हमें सोच-समझकर निर्णय लेना सिखाता है. जैसे, प्रोसेस्ड फूड की जगह मौसमी फल-सब्जियां चुनना, आराम के बहाने निष्क्रिय रहने के बजाय सक्रिय रहना, बिना ध्यान दिए खाने के बजाय सजग होकर भोजन करना और देर रात जागने के बजाय समय पर सोने की आदत डालना. ये आदतें पहली नजर में छोटी लगती हैं, लेकिन लंबे समय में बड़ा असर डालती हैं.

युवाओं और आम लोगों के लिए खास संदेश

मंत्रालय का मानना है कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत राष्ट्र की नींव होते हैं. खासकर युवा अगर आज से ही अपने रूटीन में छोटे अनुशासित बदलाव लाएं, तो वे न केवल खुद को हेल्थ रख सकते हैं, बल्कि आत्मनिर्भर और एनर्जेटिक भारत के निर्माण में भी योगदान दे सकते हैं. इसी संदेश के साथ एक सवाल भी पूछा गया, "इस साल आप कौन सी एक हेल्दी आदत अपनाने के लिए खुद को अनुशासित करेंगे?"

सेहत की नींव सही भोजन और रोजमर्रा की आदतें

एक्सपर्ट्स के अनुसार, अच्छी सेहत का आधार सही पोषण और रेगुलर है. मौसमी और स्थानीय खाद्य पदार्थों को प्राथमिकता दें, समय पर भोजन करें और गुनगुना पानी पीने की आदत डालें. पारंपरिक खानपान अपनाएं और थाली में हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और साबुत अनाज जैसे गेहूं, ज्वार, बाजरा, रागी और मक्का शामिल करें. ये पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और शरीर को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाते हैं.

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खाना बनाने और खाने का सही तरीका

फल-सब्जियों को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें. खाना उबालकर, भाप में पकाकर या ग्रिल करके बनाएं. तले-भुने, ज्यादा चीनी-नमक वाले और जंक फूड से दूरी बनाए रखें. रेगलर समय पर भोजन करें, ज्यादा न खाएं और खाते समय मोबाइल या टीवी से दूर रहें. भोजन के बाद थोड़ा आराम करें और दिनभर पर्याप्त गुनगुना पानी पिएं.

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इन आसान लेकिन अनुशासित कदमों को अपनाकर हम न सिर्फ अपनी सेहत सुधार सकते हैं, बल्कि एक हेल्दी, एनर्जेटिक और सशक्त समाज की ओर भी बढ़ सकते हैं. यही सेहत की सच्ची आजादी है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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