Types Of Dal and Their Effect On Your Body: दाल भारतीय खाने की थाली का महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह शरीर को प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल देती है और हेल्थ को मजबूत बनाती है. लेकिन हर दाल शरीर में एक जैसा असर नहीं करती. मशहूर आयुर्वेदिक डॉक्टर सलीम जैदी ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है. इस वीडियो में वे बताते हैं, हर दाल का स्वभाव अलग होता है और उसका प्रभाव भी अलग पड़ता है. इसलिए दाल का चुनाव हमेशा अपनी बॉडी टाइप और डाइजेशन के हिसाब से करना चाहिए. आइए जानें कौन सी दाल क्या फायदा देती है और किसे कैसे खानी चाहिए.
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मूंग दाल (Moong Dal)
लिस्ट में सबसे पहला नाम आता है मूंग दाल का. डॉक्टर बताते हैं, मूंग दाल सबसे हल्की और डाइजेस्ट होने में आसान मानी जाती है. यह पेट पर बोझ नहीं डालती, गैस और एसिडिटी को कम करने में मदद करती है और वजन कंट्रोल करने वालों के लिए भी अच्छी रहती है. कमजोर पाचन, बच्चे, बुजुर्ग और बीमारी से ठीक हो रहे लोगों आराम से इस दाल को खा सकते हैं. इससे आपको फायदे मिलेंगे.
मसूर दाल आयरन से भरपूर होती है, इसलिए यह खून की कमी वाले लोगों के लिए फायदेमंद है. यह शरीर में एनर्जी बढ़ाती है और थकान कम करती है. हालांकि, कुछ लोगों में यह हल्की गैस बना सकती है, इसलिए जिनका पाचन कमजोर रहता है, वे मसूर दाल खाते समय मात्रा का ध्यान जरूर रखें.
चना दाल (Chana Dal)चना दाल हाई प्रोटीन और फाइबर का बेहतरीन सोर्स है. यह शुगर कंट्रोल करने में मदद करती है क्योंकि यह धीरे-धीरे डाइजेस्ट होती है और ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने नहीं देती. लेकिन यह थोड़ी भारी होती है, इसलिए कमजोर पाचन वाले लोग इसे कम मात्रा और अच्छी तरह पकाकर खाएं.
अरहर दाल एनर्जी देने वाली और संतुलित मानी जाती है. यह न ज्यादा भारी होती है न ज्यादा हल्की, इसलिए रोजाना खाने के लिए इसे अच्छा विकल्प माना जाता है. यह शरीर को पोषण, ताकत और स्थिर एनर्जी देती है.
उड़द दाल (Urad Dal)उड़द दाल ताकत बढ़ाने, हड्डियों और मांसपेशियों के लिए फायदेमंद मानी जाती है. इसमें कैल्शियम और पौष्टिक तत्व अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. लेकिन यह गैस, एसिडिटी और पाइल्स की समस्या बढ़ा सकती है, इसलिए जिन लोगों को ये दिक्कतें हों, उन्हें सावधानी से खानी चाहिए.
आयुर्वेदिक डॉक्टर कहते हैं, दाल चुनते समय अपने पाचन, जरूरत और बॉडी टाइप को समझें. सही दाल सही मात्रा में और सही तरीके से पकाकर खाई जाए, तब ही ये शरीर के लिए सबसे अच्छा पोषण बनती है.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.