Teething Pain: जब बच्चे के दांत निकलने शुरू होते हैं, तो यह समय बच्चे और माता-पिता दोनों के लिए काफी चुनौतीपूर्ण होता है. मसूड़ों में होने वाली खुजली, सूजन और दर्द के कारण बच्चा न केवल चिड़चिड़ा हो जाता है, बल्कि उसकी नींद और भूख पर भी बुरा असर पड़ता है. ऐसे में बच्चे रात में बार-बार उठते रहते हैं जिससे पैरेंट्स भी बहुत परेशान हो जाते हैं. अगर आप भी अपने बच्चे के इस दौर से गुजर रहे हैं तो यह खबर आपके लिए ही है. आज हम आपको ऐसे 4 काम बताने जा रहे हैं जिनकी मदद से आप अपने नन्हे-मुन्ने की तकलीफ को कम कर सकते हैं. इसकी जानकारी मशहूर पीडियाट्रिशियन डॉक्टर रवि मलिक ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से वीडियो शेयर कर दी है. आइए जानते हैं...
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1. मसूड़ों की मसाज करें
बच्चे को तकलीफ होने पर पैरेंट्स साफ उंगली से मसूड़ों की हल्की मसाज कर सकते हैं. इससे बच्चे को आराम मिलता है और उसे एक सूदिंग एहसास महसूस होता है. ऐसा करने से कई बार बच्चे रोना भी कम कर देते हैं क्योंकि यह मसाज उन्हें थोड़ी देर के लिए आराम और रिलैक्सेशन देती है.
उंगली की जगह आप मलमल के कपड़े का भी इस्तेमाल कर सकते हैं. इसके लिए आप मलमल के कपड़े को ठंडे पानी में भिगोएं और फिर बच्चे के मसूड़ों पर हल्के हाथों से मसाज करें. इससे बच्चे को आराम महसूस होगा.
3. टीथर्सदर्द और चिड़चिड़ेपन में आराम पहुंचाने के लिए आप बच्चों को टीथर्स भी दे सकते हैं. डॉक्टर रवि बताते हैं कि जब बच्चे इसे चबाते हैं तो उन्हें दर्द में आराम मिलता है और सुकून का एहसास होता है.
दर्द में राहत देने के लिए पैरेंट्स बच्चों को फ्रूट प्यूरी भी दे सकते हैं. फ्रूट प्यूरी न सिर्फ आसानी से निगल ली जाती है, बल्कि इसका हल्का ठंडा तापमान मसूड़ों पर आरामदायक असर देता है. इससे बच्चों को सूजन और दर्द से थोड़ी देर के लिए राहत महसूस होती है. इसके अलावा फल पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो बच्चे की सेहत के लिए फायदेमंद हैं.
अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.