Glowing Skin: हम सब चाहते हैं कि हमारी स्किन चमकती रहे. जिसके लिए आप कई तरह के घरेलू नुस्खों का इस्तेमाल भी करते हैं. लेकिन कोई नुस्खा जो किसी की स्किन पर अच्छे से काम करता है वो हर किसी को सूट नहीं करता है. क्या आपने नोटिस किया है कि जो नुस्खा दूसरों पर काम करता है, वो शायद आप पर ना करे. इसका कारण यह है कि हम सब की त्वचा अलग-अलग होती है. आयुर्वेद के अनुसार हमारी त्वचा यानी कि हमारा दोष यानी वात, पित्त, कफ पर निर्भर रहती है. जब यह तीनों संतुलन में होते हैं तभी चेहरे पर असली रौनक आती है. डॉक्टर हंसाजी ने बताया कि कैसे आप अपनी प्रकृति के हिसाब से नेचुरल ग्लो पा सकते हैं.
वात दोष
पहला है वात दोष. अगर आपकी त्वचा अक्सर रूखी सूखी महसूस होती है, खिंचाव रहता है या जल्दी फटने लगती है, तो यह यह बात का संकेत देता है कि आपका दोष वात है. ऐसे में त्वचा को संतुलन में लाने के लिए उसे गहराई से नर्चर यानी कि सही पोषण और नमी देना बहुत ही जरूरी होता है. डॉ. हंसाजी ने एक ऐसे आयुर्वेदिक फेस मास्क के बारे में बताया है जो इस समस्या को हल कर सकता है. इसके लिए आपको चाहिए एक बड़ा चम्मच शहद, एक छोटा चम्मच बादाम तेल, थोड़ी सी कुटी हुई गुलाब की पत्तियां. इन सभी चीजों को अच्छे से मिला लें और अच्छी तरह से लगभग 15 मिनट के लिए चेहरे पर लगाएं. शहद मॉइस्चर को लॉक करेगा और बादाम तेल अंदर तक पोषण देगा और गुलाब की पत्तियां त्वचा को सुकून देगी. इसके अलावा आप अपनी डाइट में एवोकाडो जरूर शामिल करें. इसमें हेल्दी फैट्स होते हैं जो त्वचा को अंदर से हाइड्रेट करते हैं.
पित्त दोष
दूसरा है पित्त दोष. क्या आपकी त्वचा बहुत सेंसिटिव है? क्या धूप में जाते ही चेहरा लाल हो जाता है या जलन होती है? यह पित्त दोष की निशानी है. इसके लिए हमें कूलिंग या ठंडक देने वाली चीजों की जरूरत है. ऐसे मे आपको एक फेस मास्क बनाना है जिसके लिए आपको चाहिए दो बड़े चम्मच खीरे का रस, एक बड़ा चम्मच एलोवेरा जेल, थोड़े से पिसे हुए पुदीने के पत्ते, इस ठंडक भरे पैक को 20 मिनट के लिए लगाएं. खीरा और एलोवेरा जलन को कम करेगा और पुदीना त्वचा को फ्रेश फील देगा. इसके अलावा आप गर्मियों में वाटरमेलन, तरबूज खूब खाएं. इसका हाई वाटर कंटेंट और एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा की रेडनेस को कम करने में मदद करते हैं.
कफ दोष
तीसरा है कफ दोष. अगर आपकी त्वचा ऑयली है, पोर्स बड़े हैं या बार-बार पिंपल्स होते हैं तो आप में कफ दोष है. ऐसे में स्किन में ऑयल की मात्रा ज्यादा होती है और इसको कम करने के लिए आपको एक फेस मास्क बनाना है. जिसके लिए आपको चाहिए एक चुटकी हल्दी, एक बड़ा चम्मच मुल्तानी मिट्टी, एक छोटा चम्मच नीम का पेस्ट. इसे लगाकर 15 मिनट बाद धो लें. मुल्तानी मिट्टी एक्स्ट्रा ऑयल सोख लेगी. हल्दी एक्ने से लड़ेगी और नीम त्वचा को साफ करेगा. इसके अलावा आप मीठी चीजों का सेवन कम करें और सीजनल बेरीज खाएं. इसके एंटीऑक्सीडेंट्स ऑयली त्वचा के लिए वरदान है.
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तो अब आप समझ गए होंगे कि आयुर्वेद कोई वन साइज फिट्स ऑल फार्मूला नहीं है. यह खुद को गहराई से समझ दें और अपनी प्रकृति के अनुसार जीवन जीने का एक पर्सनलाइज्ड और जीवन जीने का होलिस्टिक तरीका है. जब आप अपने दोष के अनुसार त्वचा की केयर करते हैं और सही फल और सब्जियां अपनी दिनचर्या में शामिल करते हैं तो बैलेंस अंदर से बनता है और जब अंदर संतुलन होता है तो उसका प्रभाव बाहर अपने आप एक प्राकृतिक सुंदर और ग्लो के रूप में दिखाई देता है.
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