2 साल तक चावल और रोटी न खाने से बॉडी पर क्या असर होता है? 34 साल की महिला ने बताया मुझमें 20 साल की लड़की से ज्यादा एनर्जी

Roti Chawal Nahi Khane Se Kya Hota Hai: डॉक्टर आकृति गोयल ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया कि कैसे रोटी और चावल छोड़कर दाल चीला खाने से उनकी सेहत में सुधार हुआ.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
रोटी-चावल नहीं खाने से क्या होता है?
Freepik

Roti Chawal Nahi Khane Se Kya Hota Hai: भारतीय खानपान में बिना चावल और रोटी के खाना कोई कल्पना भी नहीं कर सकता, क्योंकि भारतीय थाली में रोटी और चावल मुख्य आहार है. ऐसे में कोई यह कहे कि उसने 2 साल तक रोटी और चावल बिलकुल भी नहीं खाया और इससे उनकी सेहत को कमाल के फायदे मिलते हैं, ऐसा यकीन करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है. दरअसल, डॉक्टर अकृति गोयल का कहना है कि उन्होंने रोटी और चावल छोड़कर दाल चीला खाना शुरू किया और इस लाइफस्टाइल से उन्हें काफी फायदा मिला है.

Fiber Intake: क्या फाइबर खाना सेहत के लिए अच्छा है? जानिए किन लोगों को नहीं खाना चाहिए

‘मैं रोटी और चावल नहीं खाती'

डॉक्टर आकृति गोयल ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया कि कैसे रोटी और चावल छोड़कर दाल चीला खाने से उनकी सेहत में सुधार हुआ. वीडियो में अकृति ने बताया कि वह पिछले 10 साल से रोटी और चावल नहीं खा रही हैं, ताकि डायबिटीज़ के जेनेटिक रिस्क को मैनेज कर सकें. पिछले दो साल से वह रोटी की जगह मूंग दाल का चीला खाती हैं. यह प्रोटीन से भरपूर होता है और पचने में आसान है. उन्होंने कहा, “मेरे घर में आटा या चावल नहीं है. मैं हर दिन सब्जी के साथ सिर्फ दाल का चीला खाती हूं और हफ्ते में पांच बार स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करती हूं.

अकृति ने बताया कि उनके परिवार में डायबिटीज आम है और वह खुद इस बीमारी से बचना चाहती हैं. उन्होंने कहा, “लोग अपनी 30s और 40s में सेहत पर ध्यान नहीं देते और फिर 50s-60s में डायबिटीज जैसी बीमारियों का सामना करते हैं. लाइफ एक्सपेक्टेंसी बढ़ी है, लेकिन क्वालिटी ऑफ लाइफ खराब हो रही है.”

60 से अधिक चेहरे की झुर्रियों के लिए सबसे अच्छा क्या है? 60 के बाद स्किन को टाइट कैसे करें, यह रहा वह तरीका

दाल चीला खाने से क्या बदलाव आया?

अकृति ने बताया कि दाल चीला खाने से उन्हें खाने के बाद सुस्ती नहीं होती. यह आसानी से पचता है, इसमें गेहूं से ज्यादा प्रोटीन है, फाइबर बराबर है और ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम है. इसका मतलब है कि ब्लड शुगर स्पाइक नहीं होता. उन्होंने कहा कि वह किसी को रोटी-चावल पूरी तरह छोड़ने के लिए नहीं कह रही हैं. अगर आप डायबिटिक हैं या रिस्क में हैं, तो बेहतर खानपान और नींद पर ध्यान दें. इससे ब्लड शुगर का खतरा कम होता है और सेहत भी अच्छी रहती है.

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

Advertisement

Featured Video Of The Day
Rahul Gandhi पर अपनों का अविश्वास, INDIA गठबंधन में ‘लीडरशिप मॉडल’ पर टकराव? | NDTV India
Topics mentioned in this article