एआर रहमान ने किया डाइट का खुलासा, बोले 10 साल से नहीं लगाया शुगर को हाथ, जानें चीनी छोड़ने से क्या होता है

AR Rahman Diet: एआर रहमान ने बताया कि वे पिछले 10 सालों से शुगर से पूरी तरह दूर हैं और चावल भी बहुत कम खाते हैं. जब उनसे मजाक में पूछा गया कि क्या कभी-कभार गुलाब जामुन भी नहीं? तो उन्होंने मुस्कुराते हुए साफ मना कर दिया.

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AR Rahman Diet: रहमान 10 सालों से शुगर से पूरी तरह दूर हैं और चावल भी बहुत कम खाते हैं.

AR Rahmans Sugar-Free Secret: संगीत की दुनिया के जादूगर एआर रहमान (AR Rahman) सिर्फ अपनी धुनों के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी सादगी और अनुशासित लाइफस्टाइल के लिए भी जाने जाते हैं. हाल ही में 59 वर्षीय रहमान ने कपिल शर्मा शॉ में अपनी डाइट को लेकर एक ऐसी बात कही, जिसने हर उम्र के लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया. उन्होंने बताया कि वे पिछले 10 सालों से शुगर से पूरी तरह दूर हैं और चावल भी बहुत कम खाते हैं. जब उनसे मजाक में पूछा गया कि क्या कभी-कभार गुलाब जामुन भी नहीं? तो उन्होंने मुस्कुराते हुए साफ मना कर दिया. यह बयान सिर्फ एक सेलिब्रिटी की पसंद नहीं, बल्कि आज की बदलती लाइफस्टाइल में सेहत को लेकर एक अहम संदेश है.

चीनी ज्यादा खाने से शरीर में क्या होता है? | What Happens to the Body When You Eat Too Much Sugar?

जब हम ज्यादा मीठा खाते हैं, तो ब्लड शुगर अचानक बढ़ जाता है. इसे संभालने के लिए पैंक्रियाज ज्यादा इंसुलिन रिलीज करता है. सालों तक ऐसा होने पर शरीर इंसुलिन के प्रति सुस्त हो जाता है, जिसे इंसुलिन रेजिस्टेंस कहते हैं. नतीजा-शुगर एनर्जी बनने की बजाय फैट में बदलने लगती है और मेटाबॉलिक बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.

चीनी छोड़ने से कई फायदे हो सकते हैं:

1. वजन कम करने में मदद: चीनी में कैलोरी होती है और इसे छोड़ने से वजन कम करने में मदद मिल सकती है.
2. बेहतर त्वचा: चीनी की ज्यादा मात्रा से त्वचा खराब हो सकती है, इसे छोड़ने से त्वचा स्वस्थ और चमकदार हो सकती है.
3. एनर्जी बढ़ती है: चीनी की अधिक मात्रा से ऊर्जा में गिरावट आ सकती है, इसे छोड़ने से ऊर्जा स्तर बढ़ सकता है.
4. दांतों की सेहत: चीनी दांतों के लिए हानिकारक है, इसे छोड़ने से दांतों की सेहत में सुधार हो सकता है.
5. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है: चीनी की अधिक मात्रा से इम्यूनिटी कम हो सकती है, इसे छोड़ने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ सकती है.
6. मूड में सुधार: चीनी की ज्यादा मात्रा से मूड में उतार-चढ़ाव हो सकता है, इसे छोड़ने से मूड में सुधार हो सकता है.
7. हार्ट हेल्थ: चीनी की अधिक मात्रा से हार्ट डीजिज का खतरा बढ़ सकता है, इसे छोड़ने से हार्ट हेल्थ में सुधार हो सकता है.

चीनी छोड़ने के लिए कुछ टिप्स:

- पानी पीना शुरू करें
- फल और सब्जियां खाएं
- प्रोटीन और हेल्दी फैट खाएं
- व्यायाम करें.
- धीरे-धीरे चीनी की मात्रा कम करें.
- अपनी डाइट में बदलाव करें.

चीनी छोड़ने के कुछ संभावित नुकसान:

1. चीनी की कमी से हाइपोग्लाइसेमिया: अगर आप चीनी का सेवन अचानक से बंद कर देते हैं, तो आपके ब्लड शुगर लेवल कम हो सकता है, जिससे हाइपोग्लाइसेमिया हो सकता है.
2. मूड में उतार-चढ़ाव: चीनी की ज्यादा मात्रा से मूड में उतार-चढ़ाव हो सकता है और इसे छोड़ने से भी मूड में उतार-चढ़ाव हो सकता है.
3. चिड़चिड़ापन और तनाव: चीनी छोड़ने से आपको चिड़चिड़ापन और तनाव महसूस हो सकता है.
4. वजन बढ़ने का खतरा: अगर आप चीनी छोड़ने के बाद ज्यादा फैट और प्रोटीन का सेवन करते हैं, तो आपका वजन बढ़ सकता है.
5. पाचन संबंधी समस्याएं: चीनी छोड़ने से आपको पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं, जैसे कि गैस, ब्लोटिंग और डायरिया.
6. चीनी की कमी से एनर्जी में गिरावट: चीनी शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है और इसे छोड़ने से आपको ऊर्जा में गिरावट महसूस हो सकती है.
7. सोने में परेशानी: चीनी छोड़ने से आपको सोने में परेशानी हो सकती है.

चीनी छोड़ने के नुकसान को कम करने के लिए:

- धीरे-धीरे चीनी की मात्रा कम करें.
- हेल्दी डाइट लें.
- व्यायाम करें
- पर्याप्त नींद लें
- तनाव को कम करने के लिए योग और मेडिटेशन करें.

क्या चावल कम करना भी जरूरी है?

भारतीय थाली में चावल मुख्य कार्बोहाइड्रेट होता है. खासकर सफेद चावल जल्दी पचता है और शुगर की तरह तेज ग्लूकोज़ स्पाइक देता है. चावल पूरी तरह छोड़ने की बजाय उसकी मात्रा कम करना ज्यादा फायदेमंद है. इससे खाने के बाद शुगर कंट्रोल बेहतर रहता है.

पूरी तरह कार्ब्स छोड़ना सही है?

नहीं. बहुत ज्यादा कार्ब्स घटाने से थकान, पोषक तत्वों की कमी और डाइट निभाने में मुश्किल हो सकती है. साबुत अनाज, फल और सब्ज़ियों से मिलने वाले कार्ब्स शरीर के लिए जरूरी हैं. सही रास्ता है बेहतर कार्ब्स चुनना और संतुलित भोजन करना.

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क्या सीख लेनी चाहिए?

डायबिटीज धीरे-धीरे पनपती है. रोजमर्रा में चीनी और रिफाइंड कार्ब्स सीमित रखने से इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं पर दबाव कम पड़ता है. संदेश साफ है मॉडरेशन, न कि डिप्राइवेशन. यानी मीठा कम करें, चावल की बड़ी प्लेट से बचें और कार्ब्स को प्रोटीन, फाइबर व हेल्दी फैट्स के साथ लें. एआर रहमान की तरह छोटी-छोटी आदतें, लंबे समय में बड़ी सेहत दे सकती हैं.

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