डॉक्टर ने बताया नवजात शिशु के सिर के नीचे तकिया रखना चाहिए या नहीं, नन्हे-मुन्ने पर क्या होता है असर जानें यहां

Parenting Tips: अक्सर ही माता-पिता छोटे बच्चे को सुलाते या लेटाते हुए उसके सिर के नीचे तकिया रख देते हैं. ऐसा करना सही है या गलत यह बता रही हैं डॉक्टर. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
Baby's Health: जानिए नवजात बच्चे के सिर के नीचे तकिया रखना चाहिए या नहीं. 

Expert Tips: बच्चा पैदा होता है तो माता-पिता की यही कोशिश रहती है कि उसे जितना ज्यादा हो सके आराम दिया जा सके. बच्चे को सही तरह से लेटाना, सही तरह से सुलाना, उसकी देखरेख करना और उसे हर सुविधा देना ही माता-पिता की पहली जिम्मेदारी बन जाती है. लेकिन, नए माता-पिता के लिए सबकुछ ही बेहद नया होता है और ऐसे में वे वही करते हैं जो परिवार में सालों से किया आता जा रहा है या फिर जो उनके बड़े-बूढ़े उन्हें सिखाते हैं. इसी तरह का एक काम है बच्चे के सिर के नीचे तकिया (Pillow) रखकर उसे सुलाना या लेटाना. लेकिन, क्या नवजात बच्चे (Newborn Baby) के सिर के नीचे तकिया रखना चाहिए? इसी बारे में बता रही हैं बच्चों की डॉक्टर यानी पीडियाट्रिशियन डॉ. माधवी भारद्वाज. डॉक्टर से ही जानिए बच्चे के सिर के नीचे तकिया रखने को लेकर उनका क्या कहना है. 

डर्मेटोलॉजिस्ट ने बताया क्या है चेहरा धोने का सही तरीका, छोटी-छोटी बातों का भी ध्यान रखना है जरूरी

नवजात शिशु के सिर के नीचे तकिया रखना चाहिए या नहीं 

डॉ. माधवी भारद्वाज कहती हैं कि बच्चे के जन्म के बाद एक साल तक उसे तकिये की जरूरत नहीं होती है. बड़ों को तकिए की इसलिए जरूरत होती है क्योंकि सिर और कंधों के बीच गर्दन के नीचे के हिस्से में खाली जगह होती है जो सोते समय कंफर्टेबल नहीं लगती. इसीलिए सिर के नीचे एक पतला तकिया रखा जाता है ताकि उस स्पेस को भरा जा सके और नींद अच्छी आए. लेकिन, बच्चों के सिर और कंधों के बीच यह स्पेस डेवलप नहीं होता है इसीलिए उन्हें तकिये की जरूरत नहीं होती है. 

डॉक्टर का कहना है कि छोटा बच्चा दिन में 18 से 20 घंटे सोता है. बच्चे की सिर की गोलाई मेंटेन करने जैसे कारणों से उसके सिर के नीचे तकिया रखा जाता है लेकिन जिन बच्चों के सिर के नीचे तकिया रखा जाता है उनका सिर भी चपटा हो जाता है. 

अगर बच्चे के सिर के नीचे तकिया रखा जाए तो बहुत देर तक तकिये पर सोने से बच्चे के सिर पर प्रेशर पड़ता है जिससे सिर चपटा हो सकता है. डॉक्टर (Doctor) का कहना है कि छोटा बच्चा दिन में 18 से 20 घंटे सोता है. ऐसे में बच्चे का पोश्चर बदलते रहना जरूरी है. बच्चे को अलग-अलग साइड पर सुलाया जा सकता है. 

बच्चे को 2 ये 5 मिनट के लिए पेट के बल लेटाया जा सकता है. इसके अलावा बच्चे को कुछ देर अपने ऊपर भी लेटाया जा सकता है. इसके अलावा, डॉक्टर कहती हैं कि बच्चे के सिर का आकार हल्का सा अलग दिखे तो जरूरी नहीं कि उसके ब्रेन पर असर पड़ा है, हालांकि डॉक्टर से सलाह ली जा सकती है. 

Advertisement

अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

Sholay के Gabbar ने इस Film में इतना हंसाया कि जीत लिया Filmfare Award | NDTV India
Featured Video Of The Day
Sambhal Violence Report: संभल में साजिश क्योंकि वहां कल्कि धाम? | CM Yogi
Topics mentioned in this article