वेनेजुएला में सबसे ज्यादा किस धर्म के लोग रहते हैं? इतनी है हिंदू आबादी

वेनेजुएला में हिंदुओं की संख्या बेहद कम है और उनका प्रमुख केंद्र काराकास स्थित इस्कॉन से जुड़ा टेम्पलो हरे कृष्णा माना जाता है. वेनेजुएला एक ईसाई बहुल देश है.जहां अधिकांश आबादी रोमन कैथोलिक धर्म का पालन करती है.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
वेनेजुएला एक ईसाई बहुल देश है.

हाल ही में अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ते तनाव और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की वजह से ये देश एक बार फिर चर्चा में है. साउथ अमेरिकी महाद्वीप में स्थित वेनेजुएला अपनी नेचुरल ब्यूटी, पहाड़ों, झरनों और तेल भंडार के लिए जाना जाता है. लेकिन बहुत कम लोग इसकी पॉपुलेशन और यहां रहने वाले हिंदू समुदाय के बारे में जानते हैं. चलिए जानते हैं कि आखिर वेनेजुएला में किस धर्म के लोग सबसे ज्यादा हैं? वहां हिंदुओं की आबादी कितनी है और उनकी धार्मिक मौजूदगी कैसी है.

वेनेजुएला में सबसे ज्यादा किस धर्म के लोग रहते हैं?

वेनेजुएला एक ईसाई बहुल देश है. यहां की अधिकतर आबादी रोमन कैथोलिक चर्च से जुड़ी है. स्पेनिश औपनिवेशिक दौर से ही कैथोलिक धर्म का इस देश में गहरा प्रभाव रहा है.आंकड़ों के अनुसार यहां करीब 71% से 80% लोग रोमन कैथोलिक हैं. लगभग 17% आबादी प्रोटेस्टेंट ईसाई है. और, करीब 8 से 10% लोग या तो किसी धर्म से नहीं जुड़े या फिर छोटे धार्मिक समुदायों का हिस्सा हैं. पिछले कुछ वर्षों में प्रोटेस्टेंट समुदाय की संख्या तेजी से बढ़ी है. खासकर देश के शहरी इलाकों में.

वेनेजुएला में हिंदू समुदाय की क्या स्थिति है?

वेनेजुएला में हिंदुओं की संख्या बहुत कम है. अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के मुताबिक यहां हिंदू आबादी कुछ सैकड़ों से लेकर अधिकतम कुछ हजार तक मानी जाती है. हिंदू समुदाय का बड़ा हिस्सा राजधानी काराकास में रहता है. जहां मुख्य रूप से सिंधी बिजनेस फैमिली और इस्कॉन से जुड़े लोग बसे हुए हैं. काराकास में टेम्पलो हरे कृष्णा भी मौजूद है. जिसे स्थानीय लोग क्विंटा हरे कृष्णा भी कहते हैं. ये मंदिर हिंदू पूजा-अर्चना का प्रमुख केंद्र है. यहां भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं.

वेनेजुएला में सत्य साईं बाबा के भक्तों की मौजूदगी

दिलचस्प बात ये है कि वेनेजुएला में सत्य साईं बाबा के अनुयायियों की संख्या काफी अधिक है. यहां 1974 में कराकास में पहला साईं केंद्र स्थापित किया गया था, जो आज लैटिन अमेरिका के बड़े साईं संगठनों में गिना जाता है. रिपोर्ट्स के अनुसार, मादुरो सरकार के दौरान इस संगठन को विशेष सहयोग मिला. जिसके कारण ये संगठन पहले से मजबूत हुआ और स्वतंत्र रूप से काम कर सका.

ये भी पढ़ें- Zomato के CEO के सिर पर क्यों लगी ये छोटी सी चिप? क्या होता है इसका काम

Featured Video Of The Day
UP Politics: मदनी ने दी भागवत को चुनौती! | CM Yogi | Akhilesh | Sucherita Kukreti | Mic On Hai
Topics mentioned in this article