क्या होता है Halloween का मतलब, जानें कहां से आया ये डरावना शब्द

Halloween:हर साल 31 अक्टूबर को 'हैलोवीन' पार्टी क्यों मनाया जाता है. चलिए जानते है क्या इसे पीछे क्या है कारण.

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नई दिल्ली:

What is Halloween: आपने अक्सर सोशल मीडिया पर डरावना लुक लेकर लोग पार्टी में जाते देखा होगा. सुपरस्टार लोग अपने लुक को लेकर एक साथ इंजॉय करते है. लेकिन ऐसा लुक क्यों लेते हैं और हर साल 31 अक्टूबर को इसे पार्टी की तरह क्यों मनाया जाता है. इसका आधुनिक रूप भले ही एक मजेदार, डरावनी पोशाकों वाला त्योहार हो, लेकिन इसकी जड़ें प्राचीन सेल्टिक परंपराओं और ईसाई धार्मिक अनुष्ठानों में गहरी हैं. चलिए जानते है क्या इसे पीछे क्या है कारण.

क्या होता है इसका मतलब

'हैलोवीन' शब्द ईसाई धर्म की शब्दावली से आया है. यह मूल रूप से "ऑल हैलोज ईव" (All Hallows' Eve) का मतलब होता है सभी संतों की संध्या. इस प्रकार, हैलोवीन का शाब्दिक अर्थ है "सभी संतों की संध्या". यह "ऑल सेंट्स डे" या "ऑल हैलोज डे" (जो 1 नवंबर को मनाया जाता है) से ठीक एक दिन पहले की शाम होती है, जिसे ईसाई संत और शहीदों को याद करने के लिए समर्पित किया गया था. 

ऑल (All):सभी
हैलो (Hallow):इसका मतलब है 'पवित्र व्यक्ति' या 'संत' (Saint).
ईव (Eve / E'en): इसका अर्थ है 'संध्या' या किसी त्योहार की पिछली रात.

प्राचीन जड़ें: सेल्टिक त्योहार 'सैमहेन'

माना जाता है कि हैलोवीन की परंपरा लगभग 2000 साल पहले शुरू हुए प्राचीन सेल्टिक त्योहार 'सैमहेन' (Samhain) से निकली है. सेल्टिक लोग मुख्य रूप से आज के आयरलैंड, ब्रिटेन और उत्तरी फ्रांस के क्षेत्रों में रहते थे. सैमहेन उनके लिए नए साल (1 नवंबर) की शुरुआत और फसल कटाई के मौसम का अंत  तथा अंधेरी, ठंडी सर्दियों की शुरुआत होती है.

सेल्टिक लोग मानते थे कि 31 अक्टूबर की रात को जीवित और मरे लोगों की दुनिया के बीच की रेखा धुंधली हो जाती है. इस रात को मरी हुई आत्माएं (अच्छी और बुरी दोनों) पृथ्वी पर आती हैं. बुरी आत्माओं को डराने या उन्हें शांत करने के लिए लोग आग जलाते थे और डरावनी वेशभूषा (Costumes) पहनते थे.

ईसाई धर्म का प्रभाव

8वीं शताब्दी में, पोप ग्रेगरी तृतीय ने ईसाई संतों को याद करने के लिए 1 नवंबर को 'ऑल सेंट्स डे' के रूप में मनाया जाता है. 2 नवंबर को 'ऑल सोल्स डे' मनाया जाने लगा, जो सभी दिवंगत आत्माओं के लिए प्रार्थना का दिन था. सेल्टिक त्योहार सैमहेन की परंपराओं को 'ऑल हैलोज ईव' (31 अक्टूबर) के साथ मिला दिया गया. 'ऑल हैलोज ईव' का नाम स्कॉटिश भाषा में धीरे-धीरे छोटा होते हुए 'हैलोवीन' बन गया, जिसमें डर और मजाक दोनों को मिला दिया गया है. हैलोवीन को मेन रूप से कैंडी (Trick-or-Treating), कद्दू की नक्काशी (Jack-o'-lantern) और डरावनी पार्टियों के लिए जाना जाता है.

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