भारत में chatGPT और Gemini की तुलना में क्यों Sarvam को कहा जा रहा है ज्यादा कारगर? इन खूबियों के चलते हासिल है बढ़त

पिछले कुछ महीनों से 'सर्वम एआई' का नाम काफी चर्चा में रहा है. मीडिया से लेकर सरकार तक, स्टार्टअप्स से लेकर बड़े-बड़े एंटरप्राइजेज तक, सभी सर्वम के बारे में बात कर रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं क्या है सर्वम और इसकी खासियत.

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भारत को उसकी भाषाएं समझने वाला एआई चाहिए.

Sarvam AI India : टेक्नोलॉजी और उससे बनने वाले प्रोडक्ट्स और सर्विसेज को लेकर एक कहावत फेमस है —“मेक फ़ॉर इंडिया, स्केल फ़ॉर द वर्ल्ड.” यानि अपने प्रोडक्ट को बनाएं और डेवलप करें भारत में, फिर उसे स्केल करें पूरे विश्व के लिए. दरअसल, भारत एक आसान मार्केट नहीं है, यहां का एनवायरनमेंट काफी स्ट्रेसफुल है. अब चाहे आप सेल्फ-ड्राइविंग कार्स का उदाहरण ले लें, या किसी और इंटरनेट कनेक्शन पर आधारित सर्विस का; भारत में, भारत से, भारत के लिए, प्रोडक्ट बनाना कोई आसान काम नहीं है. ऐसे में पिछले कुछ महीनों से 'सर्वम एआई' का नाम काफी चर्चा में रहा है. मीडिया से लेकर सरकार तक, स्टार्टअप्स से लेकर बड़े-बड़े एंटरप्राइजेज तक, सभी सर्वम के बारे में बात कर रहे हैं. ऐसे में आइए जानते हैं क्या है सर्वम और इसकी खासियत.

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क्या है सर्वम एआई और इसकी खासियत?

सर्वम एआई भारत के लिए बना एक एआई (AI) इंफ़्रास्ट्रक्चर प्लेटफार्म है और इस वक्त मार्केट में आसानी से और मुफ्त अवेलेबल है. आपको बता दें कि बाकी एआई प्रोडक्ट्स/प्लेटफार्म्स के विपरीत, सर्वम की स्ट्रेंथ है- इसका भारत के लिए टेलर्ड सॉल्यूशन सेट.

याद रहे, जब कोई भी टेक्नोलॉजी भारत में अपने कदम जमाने की कोशिश करती है, तो उन्हें भाषाओं की कॉम्प्लेक्सिटी और वैरायटी, सामाजिक वैरायटी, रेग्युलेशन्स, लॉज एंड रूल्स, इंफ़्रास्ट्रक्चर का अनइवन स्प्रेड इन सब मुश्किलों से गुजरना पड़ता है.

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भारतीय भाषाओं और बोलियों का सटीक समाधान

सर्वम एआई (Sarvam AI ) भाषा की चुनौतियों को आसान करने का एक टूल है. सर्वम भारत की 22 ऑफिशियल लैंग्वेज़ेस और उनके हज़ारों डायलेक्ट्स और लहजों को खराब ऑडियो क्वालिटी, स्कैन किए गए दस्तावेजों की क्वालिटी जैसी समस्याओं का सॉल्यूशन देता है.

सर्वम का मॉडल ऐसी ही रियल लाइफ सिचुएशंस पर ट्रेन्ड है, और अगर कुछ उदाहरणों के साथ समझाया जाए, तो सर्वम एआई अनाउंसमेंट्स और कॉल सेंटर जैसी क्वालिटी वाले वार्तालाप, सरकारी दस्तावेजों के स्कैन्स को काफी बेहतर समझ पाता है.

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Google Gemini और ChatGPT को दी कड़ी टक्कर

सर्वम का टेक्स्ट-टू-स्पीच भी काफी सराहनीय है. इनके लेटेस्ट मॉडल्स — सर्वम विज़न और बुलबुल वी3 ने हाल ही में गूगल के जेमिनी और ओपनएआई (Open AI) के चैट जीपीटी (ChatGPT) को भी कुछ टेस्ट्स में पछाड़ा है.

फ़ाउंडर प्रत्युष के अनुसार, सर्वम का मॉडल 3 अरब (बिलियन) पैरामीटर्स पर आधारित है. तस्वीरों और हैंडराइटिंग को काफी अच्छे से समझ सकता है. इतना ही नहीं यह अंग्रेज़ी और कई भारतीय भाषाओं को भी समझ सकता है और टेस्ट्स में दस्तावेजों को स्कैन करके डिजिटाइज करने में सबसे कारगर साबित हो रहा है.

सरकारी कामकाज और डेटा सुरक्षा में मददगार

इसका मतलब है कि सर्वम का उपयोग हमारे आधिकारिक दस्तावेजों को काफी कम एरर के साथ डिजिटाइज करने में किया जा सकता है, जिसके लिए उन्हें सरकार से भी काफी मदद और सपोर्ट मिलता रहा है. और यह आज से ही नहीं है मार्च 2025 में भी यूआईडीएआई (UIDAI) ने सर्वम के साथ आधार की सर्विसेज को बेहतर बनाने के लिए पार्टनरशिप की थी.

ग्लोबल मॉडल्स से क्यों अलग है सर्वम एआई?

सर्वम की इफेक्टिवनेस के पीछे उनका इंडिया-स्पेसिफिक  मॉडल अप्रोच है. उन्होंने एक बहुत बड़ा जनरल मॉडल नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा भारतीय भाषाओं पर ट्रेन्ड मॉडल बनाया है. और इसका इस्तेमाल काफी आसान कर दिया है. इनका सिस्टम भारत के नेटवर्क और डिवाइस अवेलेबिलिटी के हिसाब से डिजाइन है, और इनके एपीआई की प्राइसिंग भी काफी कॉम्पिटिटिव है.

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सर्वम एक इंग्लिश सेंटर्ड एआई नहीं है, बल्कि भारत के कम्युनिकेशन चैलेंजेज में मदद करने वाला एआई बना रहा है. इस वजह से अगर देखा जाए, तो सर्वम दूसरे एआई मॉडल्स से कॉम्पिटिशन नहीं कर रहा है, सर्वम भारत में एआई की जरूरत, जो एक काफी बड़ी मार्केट है  उसे ऐड्रेस कर रहा है.

भारत को उसकी भाषाएं समझने वाला एआई चाहिए. भारत को हमारी बोलियां समझने और उन्हीं में हमसे बात करने वाला एआई चाहिए. भारत को हमारा डेटा हमारे तक ही रखने वाला एआई चाहिए.

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