Salary vs Bonus : नौकरी करने वाले ज्यादातर लोग हर महीने अपनी सैलरी का इंतजार करते हैं, लेकिन जब सैलरी स्लिप हाथ में आती है तो उसमें लिखे कई शब्द सिर घुमा देते हैं. बेसिक सैलरी, HRA, DA और अलग-अलग अलाउंस तो धीरे-धीरे समझ में आने लगते हैं, लेकिन एरियर और बोनस जैसे शब्द कई बार लोगों को उलझा देते हैं. कई लोग तो इन्हें एक ही समझ लेते हैं, जबकि सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है. अगर आप भी सैलरी स्लिप को सही तरीके से समझना चाहते हैं, तो इन दोनों के बीच का फर्क जानना बहुत जरूरी है.
एरियर क्या होता है, आसान उदाहरण से समझेंएरियर का मतलब होता है वो पैसा जो आपको पहले मिलना चाहिए था लेकिन किसी वजह से नहीं मिला. मान लीजिए आपकी सैलरी बढ़ती है और कंपनी उसे पिछली तारीख से लागू करती है. ऐसे में पुराने महीनों का जो फर्क बनता है, वो एक साथ दिया जाता है, यही एरियर कहलाता है. यानि ये आपका ही पैसा होता है जो देरी से मिलता है.
बोनस पूरी तरह अलग चीज है और इसे सुनकर हर कर्मचारी खुश हो जाता है. ये कंपनी की तरफ से दिया जाने वाला एक्स्ट्रा पैसा होता है, जो आपकी मेहनत, परफॉर्मेंस या कंपनी के मुनाफे के आधार पर मिलता है. कई बार त्योहारों पर भी बोनस दिया जाता है. ध्यान रखें कि ये आपकी फिक्स सैलरी का हिस्सा नहीं होता.
एरियर और बोनस में असली अंतर क्या हैअगर सीधे शब्दों में समझें तो एरियर आपका हक का पैसा होता है, जबकि बोनस एक तरह का इनाम होता है. एरियर मिलना तय होता है अगर आपका बकाया बनता है, लेकिन बोनस मिलना कंपनी की पॉलिसी और आपकी परफॉर्मेंस पर निर्भर करता है.
कई बार लोग सैलरी में आई बड़ी रकम को बोनस समझ लेते हैं, जबकि वो एरियर होता है. अगर आपको इन दोनों का फर्क पता होगा, तो आप अपनी इनकम को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे और फाइनेंशियल प्लानिंग भी सही कर सकेंगे. इसलिए अगली बार सैलरी स्लिप देखें तो एरियर और बोनस को पहचानना आपके लिए आसान होगा.














