रिपब्लिक डे परेड में सबसे आगे कौन बैठे होते हैं? जानें किसे मिलती है ये वाली जगह

Republic Day Parade: भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मना रहा है. इस मौके पर देशभर के लोगों की निगाहें कर्तव्य पथ पर अपना दमखम दिखा रहे जवानों पर टिकी होती है, वहीं इस नजारे को लाइव देखना हर किसी का सपना होता है.

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रिपब्लिक डे परेड का सिटिंग अऱेंजमेंट

Republic Day Parade: आज यानी 26 जनवरी 2026 को भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है. इस मौके पर भारत की सैन्य ताकत दुनियाभर को दिखती है और कर्तव्य पथ पर वीरता के नारे गूंजते हैं. कर्तव्य पथ पर होने वाली इस परेड में सैन्य शक्ति, सांस्कृतिक विरासत और देश की एक अलग झलक देखने के लिए मिलती है. अबकी बार यूरोपीय संघ (EU) के दो प्रमुख नेताओं को मुख्य अतिथि के रूप में भारत ने आमंत्रित किया है. वहीं परेड को टीवी पर देखते हुए कई लोगों के मन में ये सवाल भी आता है कि सबसे आगे की कुर्सियों में बैठने वाले लोग कौन होते हैं. आज हम आपको इसी का जवाब देंगे और बताएंगे कि किसे ये सीटें मिलती हैं. 

सबसे अहम सीट किसकी होती है?

परेड में सलामी लेने के लिए भारत के राष्ट्रपति मौजूद रहते हैं. उनके साथ तीनों सेनाओं के प्रमुख और प्रधानमंत्री भी होते हैं. साथ ही विदेशी मुख्य अतिथि भी बगल में बैठे होते हैं. इस बार यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा यहां मौजूद हैं. इनके आसपास देश के बड़े कैबिनेट मंत्रियों की कुर्सियां होती हैं. 

राष्ट्रपति के बगल वाली सीटों पर कौन बैठते हैं?

राष्ट्रपति के बगल में मौजूद सीटों पर बैठने वाले लोगों को परेड काफी अच्छी दिखती है और नजदीक से वो इसका अनुभव लेते हैं. ऐसे में सवाल है कि इन सीटों पर बैठता कौन है? दरअसर सरकार की तरफ से समाज के तमाम वर्गों से हजारों लोगों को न्योता दिया जाता है, जिनमें - किसान, वैज्ञानिक, मशहूर हस्तियां और बिजनेस जगत के लोग शामिल होते हैं. इनके अलावा वीरता पुरस्कार पाने वाले बच्चे भी होते हैं. इन सभी को ये सबसे आगे की सीटें मिलती हैं. 

साथ ही सेना के बड़े अधिकारियों और रक्षा मंत्रालय में काम करने वाले अधिकारियों को भी ये जगह मिलती है. इस जगह पर बैठने के लिए वीवीआईपी पास दिए जाते हैं और कार पार्किंग का भी पास मिलता है. हालांकि ऑनलाइन टिकट लेने वाले लोगों को भी पहले आओ पहले पाओ के आधार पर सीट मिलती है, यानी जो लोग जल्दी पहुंच जाते हैं, उन्हें आगे बैठने की जगह मिलती है. 

गणतंत्र दिवस 2026 की थीम 

इस साल की परेड की थीम दो चीजों पर है. पहला 'वंदे मातरम्' के 150 साल पूरे होने के मौके पर और दूसरी थीम आत्मनिर्भर भारत है, जिससे आधुनिक भारत की बढ़ती सैन्य शक्ति, और टेक्नोलॉजी में बढ़ते कदमों को दर्शाया गया है. इस गणतंत्र दिवस पर भारतीय सेना पहली बार परेड में 'बैटल एरे' का प्रदर्शन करेगी.

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