1 जनवरी को गहरे समंदर में समा गया था एयर इंडिया का विमान, 213 यात्री थे सवार

बोइंग 747 ने साल 1978 में बंबई (अब मुंबई) के अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी. उड़ान भरने के दो मिनट के अंदर ही ये हादसा हो गया था. ये हादसा शाम 7.30 बजे हुआ था. विमान में सवार लोगों में 190 यात्री और चालक दल के 23 सदस्य थे.

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1978 में एअर इंडिया का विमान दुर्घटनग्रस्त होकर समुद्र में गिर गया था.

इतिहास में साल का पहला दिन कई दुखद घटना से भी जुड़ा हुआ है. साल 1978 में एअर इंडिया का एक विमान आज ही के दिन यानी 1, जनवरी को हादसे का शिकार हुआ था. विमान 213 यात्रियों के साथ समुद्र में समा गया था. सम्राट अशोक नाम के इस बोइंग 747 ने साल 1978 में बंबई (अब मुंबई) के अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी. कहा जाता है कि उड़ान भरने के दो मिनट के अंदर ही ये हादसा हो गया था. ये हादसा शाम 7.30 बजे हुआ था. विमान में सवार लोगों में 190 यात्री और चालक दल के 23 सदस्य थे.

आखिर कैसे हुआ हादसा

घटना के फौरन बाद यह आशंका जताई गई कि यह किसी साजिश का हिस्सा हो सकता है, लेकिन समुद्र से मिले विमान के मलबे की जांच से यह सिद्ध हो गया कि यह एक हादसा था. जांच में पाया गया कि पायलट से विमान को झुकाव में नियंत्रित करने में चूक की थी. 1982 की न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ऑफिशियल जांच में यह नतीजा निकला कि इसका संभावित कारण "कैप्टन का गलत कंट्रोल व्हील इनपुट था.

जब भी हम विमान हादसों की बात करते हैं तो  12 जून 2025 को एयर इंडिया की फ्लाइट हादसे भी जरूर याद आता है.  एअर इंडिया की लंदन गैटविक जा रही उड़ान संख्या एआई 171 सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी. दुर्घटना में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 लोग मारे गए. जमीन पर 19 लोग मारे गए. विश्वास कुमार रमेश एकमात्र यात्री थे, जो हादसे में बच गए.

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