कमल फूल केवल भारत का ही नहीं इन देशों का भी है राष्ट्रीय प्रतिक

भारत में कमल के फूल को 'राष्ट्रीय पुष्प' का दर्जा प्राप्त है, लेकिन यह केवल भारत तक सीमित नहीं है. अन्य देशों में भी कमल के फूल को राष्ट्रीय प्रतिक माना जाता है.

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नई दिल्ली:

कमल का फूल (Lotus), जिसे वैज्ञानिक भाषा में ने लम्बो न्यूसिफेरा (Nelumbo nucifera) कहा जाता है, अपनी सुंदरता, पवित्रता और आध्यात्मिक महत्व के लिए विश्वभर में फेमस है. भारत में इसे 'राष्ट्रीय पुष्प' का दर्जा प्राप्त है, लेकिन यह केवल भारत तक सीमित नहीं है. अन्य देशों में भी कमल के फूल को राष्ट्रीय प्रतिक माना जाता है. भारत के साथ-साथ वियतनाम का भी राष्ट्रीय फूल कमल ही है. इसके अलावा, मिस्र (Egypt) जैसे स्थानों पर भी इस फूल का विशेष राष्ट्रीय और सांस्कृतिक महत्व है.

वियतनाम (Vietnam)

वियतनाम में कमल को 'राष्ट्रीय पुष्प का दर्जा प्राप्त है. साल 2011 में एक राष्ट्रव्यापी मतदान के बाद इसे आधिकारिक रूप से चुना गया था. वियतनामी संस्कृति में कमल को "पवित्रता, प्रतिबद्धता और भविष्य के प्रति आशा" का प्रतीक माना जाता है. जैसे कमल कीचड़ में उगने के बावजूद अपनी सुंदरता और स्वच्छता बनाए रखता है, वैसे ही यह वियतनामी लोगों की उस भावना को दर्शाता है जो कठिनाइयों और संघर्षों के बावजूद अपनी गरिमा और संस्कृति को बनाए रखते हैं. वियतनाम में कमल के फूल, पंखुड़ियों और यहाँ तक कि उसकी जड़ों का उपयोग चाय और पारंपरिक व्यंजनों में भी किया जाता है.

मिस्र (Egypt)

मिस्र में 'नीला कमल' (Blue Lotus) बहुत अहम माना गया है, जिसे वहां का राष्ट्रीय प्रतीक माना जाता है. प्राचीन मिस्र की संस्कृति में नील नदी के किनारे उगने वाले नीले कमल को सूर्य और पुनर्जन्म का प्रतीक माना जाता था. चूंकि यह फूल सुबह खिलता है और रात में बंद होकर पानी के अंदर चला जाता है, इसलिए प्राचीन मिस्रवासी इसे सूर्य के देवता 'रा' (Ra) और जीवन के चक्र से जोड़कर देखते थे.

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