मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन के बीच दिल्ली पुलिस ने बड़ा ऐलान किया है, जिसमें बताया गया है कि जंतर-मंतर अब धरना-प्रदर्शन का स्थल नहीं रहेगा. इसके लिए तीन अलग-अलग जगहों को तय किया गया है, जहां तमाम प्रदर्शन या फिर धरना होगा. इसमें दिल्ली के रामलीला मैदान का नाम भी शामिल है, जहां कई साल पहले अन्ना हजार ने ऐतिहासिक आंदोलन किया था. ऐसे में हम आपको बताएंगे कि जंतर-मंतर और रामलीला मैदान के बीच की दूरी कितनी है और जिन बाकी जगहों को चिन्हित किया गया है, वो यहां से कितनी दूर हैं.
कितनी है जंतर-मंतर और रामलीला मैदान की दूरी?
जंतर-मंतर और रामलीला मैदान के बीच की दूरी करीब 3 किमी की है. ये उन तीनों प्रदर्शन स्थलों से सबसे नजदीक है, जिन्हें धरना-प्रदर्शन के लिए तय किया गया है. चावड़ी बाजार मेट्रो स्टेशन से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है. इसके अलावा नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से भी ये काफी पास है.
बाकी धरना स्थलों की दूरी
CBD ग्राउंड, ईस्ट दिल्ली: दूसरा धरना-प्रदर्शन स्थल सीबीडी ग्राउंड है, जो पूर्वी दिल्ली में स्थित है और काफी बड़ा है. इसकी दूरी जंतर-मंतर से लगभग 12 किलोमीटर की है. यहां तक पहुंचने के लिए कड़कड़डूमा या फिर शाहदरा मेट्रो स्टेशन पर उतर सकते हैं.
बुराड़ी ग्राउंड: दिल्ली पुलिस की तरफ से बुराड़ी ग्राउंड को तीसरा धरना प्रदर्शन स्थल बताया गया है. जंतर-मंतर से इसकी दूरी सबसे ज्यादा है, ये सेंट्रल दिल्ली से करीब 21 किमी दूर है. ये दिल्ली के बॉर्डर इलाके में स्थित है. यहां प्रदर्शन की इजाजत देने का मकसद ट्रैफिक और भीड़भाड़ को कम करना है.
क्यों लिया गया फैसला?
जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ती है. ये लुटियंस दिल्ली में आता है और यहां से संसद समेत तमाम वीवीआईपी के घर काफी नजदीक हैं. ऐसे में प्रदर्शनकारियों को तय जगह पर रोक पाना एक बड़ी चुनौती होती है. कुछ दिन पहले नीट पेपर लीक को लेकर हुए प्रदर्शन में लोग संसद के पास पहुंच गए थे. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा था कि धरना स्थल के तौर पर जंतर-मंतर की जगह किसी दूसरे स्थान पर विचार करना चाहिए.
यह भी पढ़ें | सत्ता के कानों में आवाज बनकर गूंजता रहा जंतर-मंतर, ऐसे बना प्रदर्शन का सबसे बड़ा अड्डा
यह भी पढ़ें | नकल माफिया की खैर नहीं! तुकाराम मुंढे के हाथों में MPSC पेपर लीक केस, छात्रों ने खत्म किया आंदोलन