Iran Flag Words: ईरान में महंगाई के खिलाफ शुरू हुआ प्रदर्शन अब हिंसा में बदल गया है. इस ईरान का झंडा काफी सुर्खियों में है. यह पहली बार नहीं जब देश का झंडा खबरों में है, जब-जब विरोध-प्रदर्शन, सरकार से जुड़ी हलचल होती है, इसकी चर्चा बढ़ जाती है. इस्लामी क्रांति से ही ईरानी झंडा दुनिया की नजरों में रहा है. हरे, सफेद और लाल रंग वाला यह झंडा दिखने में भले सिंपल लगे, लेकिन इसके अंदर खास कहानी छुपी है. क्या आपने कभी ध्यान दिया है कि ईरान के झंडे पर एक ही शब्द कई बार लिखा हुआ है. अगर नहीं, तो आइए जानते हैं ये क्या चीज है और क्यों लिखी गई है.
ईरान का झंडा कब और क्यों बदला
ईरान का मौजूदा झंडा 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अपनाया गया था. इस क्रांति ने ईरान की राजशाही खत्म कर दी और देश को इस्लामी गणराज्य बना दिया. इसके बाद 29 जुलाई 1980 को नया झंडा आधिकारिक तौर पर लागू किया गया. यह झंडा सिर्फ एक पहचान नहीं, बल्कि उस बड़े बदलाव की याद है, जिसने पूरे देश की दिशा बदल दी.
ईरानी झंडे के तीन रंग क्या कहते हैं
ईरान का झंडा तीन बराबर पट्टियों में बंटा है. हरा रंग इस्लाम, जिंदगी, उम्मीद और आगे बढ़ने का संकेत माना जाता है. यह देश की धार्मिक सोच को दिखाता है. सफेद रंग शांति, आजादी और सच्चाई का प्रतीक है, जो बताता है कि देश शांति चाहता है, लेकिन अपने उसूलों के साथ और लाल रंग बलिदान, हिम्मत और उन लोगों की याद दिलाता है, जिन्होंने देश और क्रांति के लिए अपनी जान दी.
ईरान के झंडे के बीच में बना निशान क्या है
झंडे के बिल्कुल बीच में सफेद पट्टी पर एक लाल रंग का खास निशान बना है. पहली नजर में यह किसी फूल जैसा लगता है, लेकिन असल में यह 'अल्लाह' शब्द का डिजाइन है. इसमें चार अर्धचंद्र और बीच में तलवार जैसी आकृति बनी है. यह निशान खुदा की एकता, आस्था और बलिदान की भावना को दिखाता है. ईरान में माना जाता है कि शहीदों की कब्र पर लाल ट्यूलिप उगते हैं, इसलिए यह निशान कुर्बानी की याद भी दिलाता है.
ईरान के झंडे पर कई बार कौन-सी चीज लिखी गई है
ईरान के झंडे में हरी पट्टी के नीचे और लाल पट्टी के ऊपर सफेद रंग से 'अल्लाहु अकबर' लिखा गया है. यह शब्द हरे और लाल हिस्से में 11-11 बार यानी 22 बार लिखी गई है. ईरान की इस्लामी क्रांति ईरानी कैलेंडर के बहमन महीने की 22 तारीख को सफल हुई थी. इसलिए झंडे पर 22 बार यह शब्द लिखकर उस ऐतिहासिक दिन को हमेशा के लिए यादगार बना दिया गया. झंडे पर लिखा 'अल्लाहु अकबर' कूफिक लिपि में है. यह अरबी भाषा की सबसे पुरानी और सम्मानित लिखावट मानी जाती है. इसकी पहचान सीधी रेखाएं, कम घुमाव साफ और मजबूत अक्षर है. शुरुआती दौर में कुरान लिखने के लिए भी इसी लिपि का इस्तेमाल होता था, इसलिए इसे धार्मिक रूप से बहुत अहम माना जाता है.
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