इस मुस्लिम देश से हुआ था ईरान का पहला युद्ध, जानें किसकी हुई थी जीत

ईरान का पहला बड़ा आधुनिक युद्ध पड़ोसी मुस्लिम देश इराक के साथ 1980 से 1988 तक चला. यह युद्ध सद्दाम हुसैन के ईरान पर हमले से शुरू हुआ और पूरे आठ साल तक चला. इस जंग में करीब 10 लाख लोगों की जान गई और दोनों देशों की अर्थव्यवस्था तबाह हो गई.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
ईरान का पहला युद्ध

Iran First War: ईरान इन दिनों अपने ही लोगों की नाराजगी और गुस्से से जूझ रहा है. देशभर में 28 दिसंबर, 2025 से महंगाई के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन चल रहा है. इस देश का नाम आते ही सबसे पहले जेहन में युद्ध आता है. हाल ही में इस देश ने इजराइल से युद्ध किया और अमेरिका ने भी एक्शन लेने की चेतावनी दी. लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से एक ईरान ने सबसे पहला युद्ध कब और किस मुस्लिम देश से लड़ा था और उस युद्ध में किसकी जीत हुई थी. आइए जानते हैं इतिहास..  

ईरान का पहला युद्ध किस मुस्लिम देश से हुआ

ईरान का पहला युद्ध पड़ोसी मुस्लिम देश इराक से हुआ था. यह आधुनिक दौर का सबसे लंबा और खतरनाक युद्ध माना जाता है. 22 सितंबर 1980 को इराक के तत्कालीन राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन ने ईरान पर हमला कर दिया, जो पूरे 8 साल यानी 1988 तक चला. सद्दाम हुसैन को लगा था कि ईरान इस्लामिक क्रांति के बाद कमजोर हो चुका है और वह जल्दी जीत हासिल कर लेगा. लेकिन यह उसकी सबसे बड़ी गलतफहमी साबित हुई.

ईरान-इराक युद्ध में अमेरिका की भूमिका

इस युद्ध के पीछे एक बड़ी वजह अमेरिका की बदली हुई नीति भी थी. 1979 से पहले ईरान अमेरिका का करीबी माना जाता था, लेकिन जैसे ही ईरान में इस्लामिक क्रांति हुई और अयातुल्लाह खुमैनी सत्ता में आए, अमेरिका और ईरान के रिश्ते टूट गए. इसके बाद अमेरिका ने ईरान से दूरी बनाई और इराक को समर्थन देना शुरू कर दिया. इसका असल खेल तेल और खाड़ी क्षेत्र पर पकड़ का था.

सद्दाम हुसैन ईरान से युद्ध क्यों लड़ना चाहता था

सद्दाम हुसैन की नजर शा-अल-अरब नदी पर थी, जो ईरान और इराक के बीच बहती है और सीमा तय करती है. उसका सपना था कि इस पूरे इलाके पर इराक का कब्जा हो जाए. सद्दाम को भरोसा था कि अमेरिका और पश्चिमी देश उसका खुलकर साथ देंगे. हालांकि, किसी देश ने सीधे युद्ध में उतरने की बजाय, इराक को हथियार देकर मदद की.

इस युद्ध में कौन जीता

सद्दाम हुसैन ने सोचा था कि युद्ध कुछ महीनों में खत्म हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. ईरान पूरी ताकत से डट गया. नतीजा यह हुआ कि युद्ध 8 साल तक चलता रहा, लेकिन किसी को साफ जीत नहीं मिली. आखिरकार 20 अगस्त 1988 को सीजफायर हुआ और 1990 में दोनों देशों ने शांति समझौता किया. इस युद्ध में करीब 10 लाख लोगों की मौत मानी जाती है, लाखों जवान अपाहिज हो गए, दोनों देशों की अर्थव्यवस्था तबाह हो गई, स्कूल-कॉलेज जाने वाले युवा सीधे युद्ध के मैदान में झोंक दिए गए.

तीनों सेनाओं की ट्रेनिंग और Gen-Z रॉयल आइकन, जानें कितनी पढ़ी-लिखी हैं स्पेन की होने वाली क्वीन लियोनोर

Featured Video Of The Day
BMC Election Results 2026: BJP में Mayor के नाम पर हलचल तेज! | Maharashtra | Mumbai | BMC Polls