Para Commando Selection Process: देश के लिए कुछ अलग और बड़ा करने का जज़्बा रखने वाले युवाओं का सपना पैरा कमांडो बनना जरूर होता है. यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, हिम्मत, अनुशासन और बलिदान से भरी एक जिंदगी है. पैरा कमांडो भारतीय सेना की वह ताकत है, जो सबसे मुश्किल हालात में भी मिशन पूरा करती है. अगर आप भी जानना चाहते हैं कि पैरा कमांडो कहां से चुने जाते हैं और इसमें जाने का पूरा प्रोसेस क्या होता है, तो यह आर्टिकल आपके लिए है. आइए जानते हैं इस स्पेशल फोर्स से जुड़ी हर जानकारी.
पैरा कमांडो क्या होते हैं
पैरा कमांडो भारतीय सेना की पैराशूट रेजिमेंट की स्पेशल फोर्स यूनिट होती है. इन जवानों को खासतौर पर खतरनाक मिशन के लिए तैयार किया जाता है. आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन, दुश्मन इलाके में घुसकर हमला, बंधकों को छुड़ाना और गुप्त मिशन जैसे काम पैरा कमांडो ही करते हैं. इन्हें देश की सबसे टफ यूनिट्स में गिना जाता है.
पैरा कमांडो का इतिहास
पैरा कमांडो यूनिट की शुरुआत 1 जुलाई 1966 में हुई थी. तब से लेकर अब तक यह यूनिट देश के कई बड़े और संवेदनशील ऑपरेशन्स का हिस्सा रही है. आज भारतीय सेना में पैरा कमांडो की करीब 9 बटालियन हैं, जो हर समय देश की सुरक्षा के लिए तैयार रहती हैं.
पैरा कमांडो कहां से चुने जाते हैं
पैरा कमांडो की सीधी भर्ती नहीं होती है. पहले उम्मीदवार को भारतीय सेना में एक सामान्य सैनिक के रूप में भर्ती होना पड़ता है. इसके बाद सेना के अंदर से ही पैरा रेजिमेंट के लिए वॉलंटियर मांगे जाते हैं. जो जवान खुद आगे आकर इस चुनौती को स्वीकार करते हैं, उन्हें ही चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाता है.
पैरा कमांडों का सेलेक्शन प्रोसेस कितना टफ होता है
पैरा कमांडो का सिलेक्शन प्रोसेस बेहद कठिन माना जाता है. इसमें फिजिकल फिटनेस, मानसिक मजबूती और सहनशक्ति की कड़ी परीक्षा होती है. शुरुआती स्क्रीनिंग और PRTC (Pre Recruitment Training Course) के दौरान कई राउंड होते हैं, जहां ज्यादातर उम्मीदवार बाहर हो जाते हैं. जो अंत तक टिकता है, वही पैरा कमांडो बनता है.
पैरा कमांडो की सैलरी कितनी होती है
पैरा कमांडो को उनके जोखिम भरे काम के अनुसार शानदार सैलरी और भत्ते मिलते हैं. सालाना पैकेज 10 लाख रुपये से ज्यादा हो सकता है. इसके अलावा स्पेशल अलाउंस, मेडिकल सुविधा, कैंटीन, रहने की व्यवस्था और सेना की सभी सुविधाएं भी मिलती हैं.














