आज के समय में सोना सिर्फ गहनों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह इंवेस्टमेंट का बड़ा साधन बन चुका है. भारत में जहां सोना एक लाख रुपये के पार पहुंच चुका है, वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान में भी हालात कुछ अलग नहीं हैं. बढ़ती महंगाई और फाइनेंशियल प्रेशर के बीच सोना आम आदमी की पहुंच से दूर होता जा रहा है.
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पाकिस्तान में सोने की ताजा कीमत
जनवरी 2026 के आखिर तक पाकिस्तान में सोने की कीमतों ने नया रिकॉर्ड बना लिया. 24-कैरेट सोना करीब 506,362 रुपए प्रति तोला तक पहुंच गया, जो अब तक के सबसे ऊंचे स्तरों में से एक माना जा रहा है. वहीं, 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 434,123 रुपए दर्ज की गई. 22-कैरेट सोना भी महंगा होकर करीब 397,960 रुपए पर बिकता नजर आया. ये आंकड़े बताते हैं कि पाकिस्तान में सोना अब सिर्फ अमीरों की चीज बनता जा रहा है और मिडिल क्लास के लिए इसे खरीदना मुश्किल होता जा रहा है.
चांदी भी नहीं रही सस्ती
सिर्फ सोना ही नहीं, चांदी की कीमतों में भी तेज उछाल देखने को मिला है. पाकिस्तान में 24-कैरेट चांदी करीब 9,933 रुपए प्रति तोला और 8,515 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करती देखी गई. शादी-ब्याह और निवेश के लिए चांदी खरीदने वालों को भी अब ज्यादा खर्च करना पड़ रहा है.
कीमतें क्यों बढ़ रही हैं?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान में सोने-चांदी की कीमतें बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं. कमजोर पाकिस्तानी रुपया, महंगाई, विदेशी मुद्रा संकट और ग्लोबल लेवल पर गोल्ड की बढ़ती मांग ने कीमतों को ऊपर धकेला है.
आम आदमी पर सीधा असर
सोने और चांदी की बढ़ती कीमतों का सबसे ज्यादा असर आम लोगों पर पड़ रहा है. जहां पहले लोग थोड़ा-बहुत सोना बचत के तौर पर खरीद लेते थे, अब उन्हें कई बार सोचना पड़ता है. खासतौर पर शादी-विवाह के सीजन में यह महंगाई लोगों की परेशानी बढ़ा रही है.













