UP SI Cut-off 2026 Reason: उत्तर प्रदेश पुलिस दारोगा भर्ती 2025 लिखित परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है. उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने यूपी पुलिस दारोगा भर्ती के फाइनल रिजल्ट के साथ कट-ऑफ भी जारी की है. कट-ऑफ के हिसाब से सफल उम्मीदवारों को फिजिकल टेस्ट के लिए बुलाया जाएगा. लेकिन रिजल्ट जारी होने के बाद कट-ऑफ चर्चा का विषय बन गई है. क्योंकि इस बार की कैटेगरी वाइज कट-ऑफ काफी हाई गई है. यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती की लिखित परीक्षा 14 और 15 मार्च 2026 को राज्य के कुल 75 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी. जिसका परिणाम 7 मई को घोषित कर दिया गया है.
रिजल्ट के साथ जारी हुई UR, EWS, OBC, SC, ST और महिलाओं के लिए कट-ऑफ उम्मीद से काफी अधिक गई है. सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए इससे कंपटीशन और टफ देखने को मिला है.
यूपी पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2025 की जारी की गई कट-ऑफ 400 में से है.
कैटेगरी कट-ऑफ
जनरल 369.87
OBC 364.56
EWS 364.41
SC 350.91
ST 334.65
UP SI कट-ऑफ पर बहस तेज
सोशल मीडिया पर यूपी दारोगा भर्ती की हाई कट-ऑफ को लेकर काफी चर्चा हो रही है, एक्स पर हाई कट-ऑफ को लेकर बहस शुरू हो गई है. कई यूजर्स ने लिखा, 'यूपी एसआई की कट-ऑफ ने सभी को हैरान कर दिया है. 92% कट-ऑफ? ये मजाक है या बेरोजगार युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़? इतनी भयावह बेरोजगारी के बावजूद, इतनी हाई कटऑफ पारिवारिक और मानसिक दबाव को और बढ़ा रही है. इस पर विचार होना चाहिए. इस मुद्दे पर लोगों के अलग-अलग पोस्ट देखने को मिले है. जिसमें लोगों ने UPSI 2025 CUT OFF अबकी बार 370 पार जैसे पोस्ट लिखकर डाले है, अभी तो इसके बाद फाइनल लिस्ट आना बाकी है, क्या अभी इससे ऊपर भी कट-ऑफ जा सकती है. यह देखना होगा, कि आगे कट-ऑफ कितनी जाएगी.
कट ऑफ हाई रहने की यह वजह हो सकती है.
1. तैयारी के लिए अधिक समय: यूपी पुलिस दारोगा भर्ती 2025 का नोटिफिकेशन 12 अगस्त 2025 को जारी कर दिया गया था, जबकि परीक्षाएं 14 और 15 मार्च 2026 को आयोजित की गई हैं. सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं को यूपी पुलिस दारोगा भर्ती के लिए अच्छा-खासा समय मिल गया था, जिससे कट-ऑफ अधिक गई है.
2.पेपर का लेवल: यह पहली बार है जब यूपी पुलिस दारोगा भर्ती की कट-ऑफ इतनी ज्यादा गई है. इसकी एक वजह इस साल के पेपर का लेवल उतना मुश्किल नहीं था, जितना की आमतौर पर पिछले वर्षों की परीक्षाओं में रहा है, कई बच्चों ने बताया कि पेपर कठिन नहीं था.
3.नॉर्मलाइजेशन का असर: UP SI एग्जाम कई शिफ्टों में आयोजित किया गया था. कई शिफ्ट और 15 लाख से अधिक आवेदक होने की वजह से नॉर्मलाइजेशन लागू किया गया था. जिसमें जो शिफ्ट का पेपर कठिन होता है, उसमे अलग से नम्बर दिए जाते है, बाकी की शिफ्टों की तुलना में
4.नेगेटिव मार्किंग का न होना: यूपी दारोगा भर्ती परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग लागू नहीं है. इसलिए उम्मीदवार सभी 160 सवाल अटेंप्ट करते हैं. इससे तुक्का मारने वाले उम्मीदवारों का स्कोर भी बढ़ने के चांस रहते हैं और कट-ऑफ स्कोर ऊपर चला जाता है.
लिखित परीक्षा का परिणाम घोषित होने के बाद, अब उम्मीदवारों को कट-ऑफ के आधार पर फिजिकल के लिए बुलाया जाएगा.मई के महीने में फिजिकल टेस्ट हो सकता है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं