बिहार की बेटी तनुश्री ने जब UPSC क्रैक कर पुलिस की वर्दी पहनी तो उन्हें ये अंदाजा भी नहीं था कि एक दिन वो आतंकियों से लोहा लेंगीं. तनुश्री को उनकी रैंक के हिसाब से जम्मू-कश्मीर कैडर दिया गया. इसके बाद उन्होंने यहां कुछ ऐसे काम किए कि उनका नाम घाटी के लोगों की जुबान पर चढ़ गया, महिलाओं से उनका खास लगाव था और लोगों के बीच उनके व्यवहार की खूब तारीफ होती थी. अब तनुश्री का ट्रांसफर दिल्ली हो गया है, ऐसे में कश्मीर की आवाम भावुक है और अपने बीच मौजूद एक ईमानदार पुलिस अफसर के जाने का गम मना रही है. आज हम आपको तनुश्री की एक ऐसी कहानी बताएंगे, जो उन्होंने खुद पीएम मोदी को सुनाई थी. इतना ही नहीं, पीएम मोदी ने खुद उन्हें घाटी के लिए एक काम सौंप दिया था.
कौन हैं तनुश्री?
तनुश्री बिहार के मोतिहारी की रहने वालीं हैं. दिल्ली ट्रांसफर से पहले पुलवामा में SSP के पद पर तैनात तनुश्री एक तेज तर्रार पुलिस अफसर हैं और उनके सरल लहजे के लिए लोग उन्हें पसंद करते हैं. इससे पहले तनुश्री ने शोपियां जिले में भी एसएसपी पद पर जिम्मेदारी संभाली थी. तनुश्री सीआरपीएफ (CRPF) में असिस्टेंट कमांडेंट के तौर पर भी तैनात थीं, लेकिन इसके बाद उन्होंने UPSC की तैयारी की और 2016 में ये परीक्षा पास की, वो 2017 बैच की आईपीएस अफसर हैं.

पीएम मोदी से हुई थी बात
तनुश्री ने एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी से बाचतीत की थी, इस दौरान उन्होंने बताया था कि कैसे उनका सामना आतंकियों से हुआ और वो पहले ये सब देखकर घबरा गई थीं. तनुश्री ने बताया, मेरा नाम तनुश्री है, मुझे जम्मू-कश्मीर कैडर अलोकेट हुआ है. मेरी ट्रेनिंग श्रीनगर में हुई थी. पुलिस कैसे इंटेलिजेंस और फोर्सेस का इस्तेमाल कर देश की सुरक्षा का काम कर रही है, इसका प्रत्यक्ष प्रमाण मुझे देखने को मिला.

सुनाया आतंकी मुठभेड़ का किस्सा
तनुश्री ने आतंकियों से मुठभेड़ के एक किस्से का जिक्र करते हुए कहा, "सिक्योरिटी फोर्सेस एक जुनैद नाम के आतंकवादी को काफी लंबे समय से पकड़ने की कोशिश कर रही थी. जुनैद हिजबुल मुजाहिद्दीन का एक कमांडर था और वैली में रिक्रूटमेंट का काम करता था. 18 मई को जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप को खबर मिली कि वो अपने एक साथी के साथ अपने किसी समर्थक के घर पर है. इसके बाद पुलिस, SOG और सीआरपीएफ की टीम ने घर को घेरा और आतंकियों को पकड़ने की कोशिश की, जैसे ही हम घर में घुसे तो आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. इसमें हमारा एक जवान भी घायल हो गया. पर्सनली मेरे लिए ये भयभीत करने वाला पल था, लेकिन हमारे जवानों और टीम ने साहस दिखाया और न कि सिर्फ घायल जवान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, बल्कि ऑपरेशन को तब तक चालू रखा, जब तक हमने दोनों आतंकियों को मार नहीं गिराया."
जब पीएम मोदी ने तनुश्री से पूछा कि आप मूल रूप से कहां की हैं तो उन्होंने कहा, मैं बिहार से हूं. इसके बाद पीएम ने उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा. तनुश्री ने बताया कि मैंने NIFT गांधीनगर से टेक्सटाइल डिजाइन में ग्रेजुएशन किया है. इस पर पीएम मोदी ने कहा, ये टेक्सटाइल और टेरर...कैसे गुजारा करोगी? टेक्सटाइल में धागे जोड़ने होते हैं और टेरर में धागे खोलने होते हैं, ऐसे में आपको अलग-अलग पहलू के काम करने होंगे.
पीएम मोदी ने खुद सौंपा था ये काम
पीएम मोदी ने तनुश्री को एक खास काम सौंपा था. उन्होंने कहा, कश्मीर के लोगों की उंगलियों में काफी ज्यादा ताकत होती है. जिस तरह के शॉल और कपड़े वो हाथ से बनाते हैं, वो अद्भुत हैं. आप पुलिसिंग के समय भी, छुट्टी के दिन कश्मीर की बहनों के कुछ समूह बनाइए. जो लोग टेक्सटाइल से संबंधित कुछ काम करते हैं, उनके साथ घुल-मिलकर अपने टेक्सटाइल के अनुभव उनके साथ साझा कीजिए. उन्हें मॉर्डन डिजाइन सिखाइए, आपकी पुलिसिंग की ताकत में भी ये बहुत बड़ी ताकत बन जाएगी.
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