देश में हर साल लाखों युवा सिविल सर्विसेज की परीक्षा की तैयारी करते हैं. कोई IAS बनने का सपना देखता है, कोई IPS की वर्दी पहनकर देश की सेवा करना चाहता है, तो कोई IFS अधिकारी बनकर विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व करना चाहता है. लेकिन तैयारी के दौरान एक सवाल लगभग हर उम्मीदवार के मन में जरूर आता है कि आखिर इन तीनों सेवाओं में सबसे ज्यादा सैलरी किसे मिलती है. कई लोगों को लगता है कि IAS की सैलरी सबसे ज्यादा होती होगी, जबकि कुछ लोग सोचते हैं कि विदेश में काम करने वाले IFS अधिकारी ज्यादा कमाते होंगे. तो अगर आप भी जानना चाहते हैं इस सवाल का जवाब तो ये खबर आपके काम की है.
शुरुआत में कितनी मिलती है सैलरी
जब कोई उम्मीदवार सिविल सर्विसेज परीक्षा पास कर अधिकारी बनता है, तो उसे सातवें वेतन आयोग के अनुसार सैलरी मिलती है. शुरुआत में सभी अधिकारियों को पे लेवल 10 के तहत करीब 56,100 रुपये प्रति माह बेसिक सैलरी दी जाती है. इसके अलावा महंगाई भत्ता, मकान भत्ता, ट्रैवल अलाउंस और दूसरी सुविधाएं भी मिलती हैं. इन सबको जोड़ने के बाद कुल सैलरी और ज्यादा हो जाती है. कुल मिलाकर इन तीनों की शुरुआत की सैलरी लगभग एक जैसी ही होती है.
समय के साथ बढ़ती जाती है सैलरी
सिविल सर्विसेज में अनुभव के साथ सैलरी भी बढ़ती रहती है. जैसे-जैसे अधिकारी को प्रमोशन मिलता है, उसकी सैलरी भी बढ़ती जाती है. बड़े पदों पर पहुंचने के बाद अधिकारियों की सैलरी लाखों रुपये तक पहुंच सकती है.
तीनों सेवाओं के काम अलग-अलग
IAS, IPS और IFS की सैलरी लगभग समान होती है, लेकिन इनका काम अलग-अलग होता है. IAS अधिकारी प्रशासनिक काम संभालते हैं और जिला कलेक्टर या सचिव जैसे पदों पर काम करते हैं. IPS अधिकारी पुलिस और कानून व्यवस्था से जुड़े काम करते हैं. वहीं IFS अधिकारी विदेशों में भारत का प्रतिनिधित्व करते हैं और दूतावासों में काम करते हैं.
IFS अधिकारियों की आय क्यों ज्यादा दिखती है
अगर सिर्फ बेसिक सैलरी की बात करें तो तीनों सेवाओं की सैलरी लगभग बराबर होती है. लेकिन कई बार IFS अधिकारियों की कुल आय ज्यादा दिखाई देती है. ऐसा इसलिए होता है क्योंकि विदेशों में पोस्टिंग के दौरान उन्हें विदेश भत्ता और कई एक्स्ट्रा फैसिलिटीज मिलती हैं.
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