रिसर्च की दुनिया में बजा IIT-ISM धनबाद का डंका, 3 वैज्ञानिकों को मिला PM रिसर्च ग्रांट, अब होंगे बड़े आविष्कार

IIT ISM Dhanbad news: IIT-ISM धनबाद के तीन युवा साइंटिस्ट - प्रो. अनन्या बनिक, प्रो. जादब माझी और प्रो. सुनील पुलेटिकुर्थी को मशहूर प्राइम मिनिस्टर अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट (PM ECRG) मिला है. इसके जरिए वे अलग-अलग सब्जेक्ट पर रिसर्च कर पाएंगे और दुनिया के सामने नई चीज़ें ला पाएंगे.

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IT ISM Dhanbad Young Scientists
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IIT ISM Dhanbad Young Scientists won PM ECRG Grant: IIT-ISM धनबाद ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी शोध क्षमता का लोहा मनवाया है. संस्थान के रसायन एवं केमिकल बायोलॉजी विभाग के तीन युवा प्रोफेसरों को  प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री अर्ली करियर रिसर्च ग्रांट (PM ECRG) के लिए चुना गया है. यह उपलब्धि न केवल इन वैज्ञानिकों के व्यक्तिगत करियर के लिए बड़ी जीत है, बल्कि संस्थान की उस दूरदर्शी सोच को भी दर्शाती है जो युवा प्रतिभाओं को तराशने का काम कर रही है.

ऊर्जा से लेकर दवाओं तक ये तीनों प्रोफेसर करेंगे शोध

इस  उपलब्धि को हासिल करने वाले ये तीनों प्रोफेसर. अनन्या बनिक, प्रो. जादब माझी और प्रो. सुनील पुलेटिकुर्ति है. जिन्होंने अपनी रिसर्च की काबिलियत को मनवाते हुए यह मुकाम हासिल किया है.ये तीनों अपने-अपने क्षेत्रों में भविष्य की चुनौतियों का समाधान ढूंढ रहे हैं.

इन 3 क्षेत्रों में होगा क्रांतिकारी शोध

ठोस अवस्था रसायन की स्टार प्रो. अनन्या बनिक ऊर्जा का शोध 'सॉलिड स्टेट बैटरियों' और 'आयनिक कंडक्टर' पर केंद्रित है. उनका काम आने वाले समय में ऊर्जा भंडारण (Energy Storage) की समस्या को सुलझाने और सुरक्षित व शक्तिशाली बैटरी तकनीक विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगा. इसी के साथ ही प्रो. जादब माझी जिन्हें सिंथेटिक ऑर्गेनिक केमिस्ट्री का जादूगर कहते है वह फोटोरिडॉक्स, ऑर्गेनोमेटालिक और बायोकैटालिसिस जैसे इनोवेटिव टूल्स  के माध्यम से रासायनिक उद्योगों को अधिक 'सस्टेनेबल' यानी टिकाऊ बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं. इससे उद्योगों में कचरा कम होगा और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी. 

इन दोनों के अलावा तीसरे प्रो. सुनील पुलेटिकुर्ति ड्रग डिलीवरी  के क्षेत्र में अपनी रिसर्च से नई इबारत लिखने की कोशिश करे रहे हैं. वे फॉस्फोलिपिड्स और माइक्रोरिएक्टर जैसे विषयों पर काम कर रहे हैं, जो कैंसर और अन्य जटिल बीमारियों के इलाज में क्रांतिकारी बदलाव ला सकते हैं.

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 5 साल  रिसर्च  के लिए मिलेगी भारी फंडिंग

PM ECRG जैसा प्रतिष्ठित ग्रांट इन युवाओं को अगले 5 साल के लिए भारी फंडिंग मुहैया कराएगा, जो भारत की साइंस सुपरपावर वाली यात्रा में मील का पत्थर साबित होगा। IIT-ISM कुलपति प्रो. डी.के. श्रीवास्तव ने इसे संस्थान की 'यंग टैलेंट फैक्ट्री' की जीत बताया.

क्या PM ECRG 

PM ECRG का पूरा नाम प्रधानमंत्री प्रारंभिक कैरियर अनुसंधान अनुदान है.  यह भारत सरकार के अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (ANRF) के जरिए शुरू की गई एक प्रमुख योजना है.  यह युवा शोधकर्ताओं को भारत में वैज्ञानिक अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 3 साल की अवधि के लिए ₹60 लाख तक का वित्तीय अनुदान प्रदान करता है, ताकि वे अपने करियर की शुरुआत में स्वतंत्र शोध कर सकें.

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