Jharkhand News: झारखंड के धनबाद जिले के टुंडी स्थित मोहनाद गांव में प्रतिबंधित मवेशी का मांस मिलने की खबर से शुक्रवार शाम को भारी तनाव फैल गया. इस घटना ने देखते ही देखते उग्र रूप ले लिया, जिसके बाद स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. फिलहाल पूरे इलाके में प्रशासन ने निषेधाज्ञा (धारा 144) लागू कर दी है.
घटना की शुरुआत कैसे हुई?
तनाव की शुरुआत तब हुई जब गांव के बच्चे तालाब के पास खेल रहे थे और उन्होंने वहां मांस के अवशेष देखे. ग्रामीणों के बीच यह खबर आग की तरह फैल गई कि मांस गोवंश का है. कुछ ही देर में सरफुद्दीन अंसारी के घर के पास और मांस मिलने की सूचना ने ग्रामीणों का गुस्सा और भड़का दिया. स्थिति तब और गंभीर हो गई जब सरफुद्दीन के बेटे अशरफ अंसारी को मालवाहक वाहन में गोवंश के साथ ग्रामीणों ने घेर लिया. ग्रामीणों का आरोप था कि मांस के साथ मवेशियों की तस्करी की जा रही थी.
पुलिस ने संभाला मोर्चा
सूचना मिलते ही अंचल अधिकारी और स्थानीय थाना प्रभारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गए. भारी भीड़ को देखते हुए एसपी एस मोहम्मद याकूब और एसडीओ लोकेश बारंगे ने भी मोर्चा संभाला. जब पुलिस ने आरोपी सरफुद्दीन, उनके बेटे अशरफ और ड्राइवर मनव्वर अंसारी को हिरासत में लेने की कोशिश की, तो भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया.
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा और हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी. प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने तीन राउंड फायरिंग की. तीनों आरोपियों को पुलिस ने सुरक्षित थाने पहुँचा दिया है और उनसे पूछताछ जारी है.
प्रशासन की अपील
एसडीओ लोकेश बारंगे ने मोहनाद और आसपास के गांवों में शांति बनाए रखने के लिए निषेधाज्ञा लागू कर दी है. पुलिस ने भारी संख्या में बल तैनात किया है और संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त की जा रही है. प्रशासन ने आम नागरिकों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है. पुलिस ने मवेशी हत्या और धार्मिक भावनाएं भड़काने के आरोप में केस दर्ज कर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है.











