Dhanbad News: पश्चिम बंगाल के चुनावी नतीजों में भारतीय जनता पार्टी की ऐतिहासिक लहर ने जैसे ही ममता बनर्जी के किले में सेंध लगाई, झारखंड के सीमांत जिले धनबाद में खुशियों का सैलाब उमड़ पड़ा. आतिशबाजी से रात का आसमान जगमगा उठा और गलियों में कार्यकर्ता झूमते नजर आए. लेकिन इस पूरे जश्न के बीच सबसे ज्यादा चर्चा रही बीजेपी आईटी सेल के जिला हेड सुनील कुमार पांडेय की. सुनील ने बंगाल में बीजेपी की जीत को लेकर एक बेहद कठिन संकल्प लिया था, जिसे उन्होंने चुनाव परिणाम आने के बाद सबके सामने पूरा किया.
एक साल का लंबा इंतजार
दरअसल, ठीक एक साल पहले जब बंगाल में बीजेपी की संभावनाओं पर राजनीतिक गलियारों में सवाल उठ रहे थे, तब सुनील ने एक प्रण लिया था. उन्होंने कसम खाई थी कि जब बंगाल में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी, तभी वह अपनी दाढ़ी और बाल कटवाएंगे. एक साल बीत गया, दाढ़ी जंगल की तरह बढ़ गई, लेकिन सुनील अपने संकल्प पर अटल रहे. जैसे ही रुझानों में बीजेपी की जीत साफ हुई, उन्होंने रणधीर वर्मा चौक पर पहुंचकर सबके सामने अपना मुंडन करवाया और दाढ़ी कटवाई.
MP-MLA ने खाए रसगुल्ले और झालमुड़ी
इस खास मौके पर जश्न का केंद्र बना धनबाद का रणधीर वर्मा चौक. यहां सांसद ढुल्लु महतो और विधायक राज सिन्हा की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं का उत्साह सातवें आसमान पर था. जीत की खुशी में रसगुल्ले और झालमुड़ी की पार्टी हुई. खुद सांसद और विधायक ने कार्यकर्ताओं और आम जनता को अपने हाथों से मिठाई खिलाई. संकल्प पूरा होने की चमक सुनील के चेहरे पर साफ दिख रही थी. उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह सिर्फ जीत नहीं, बल्कि उनकी श्रद्धा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की जीत है.
'झारखंड में भी बीजेपी सरकार आएगी'
सुनील पांडेय का यह समर्पण अब बीजेपी के आम कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा बन गया है. सांसद ढुल्लु महतो ने उनके जज्बे की तारीफ करते हुए कहा कि एक साल तक पार्टी के लिए दाढ़ी बढ़ाए रखना छोटी बात नहीं है. उन्होंने ममता सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल की जनता ने पीएम मोदी की नीतियों पर मुहर लगा दी है और अब वहां बदलाव की शुरुआत हो चुकी है. सांसद ने साथ ही यह भी दावा किया कि बंगाल की इस जीत का असर पड़ोसी राज्य झारखंड में भी दिखेगा और आने वाले समय में यहां भी बीजेपी की सरकार बनेगी.
बंगाल से सटी है धनबाद की सीमा
चूंकि धनबाद की सीमा बंगाल से सटी हुई है, इसलिए यहां के लोगों में इस जीत को लेकर दोहरा उत्साह देखा गया. स्थानीय लोगों का कहना है कि 15 साल की कसक अब दूर हुई है. सड़क पर चलते राहगीर हों या पार्टी कार्यकर्ता, हर कोई टीएमसी की हार और बीजेपी की जीत के जश्न में सराबोर दिखा.
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