RSS ने पिछले 15 साल में बंगाल में शाखाओं की संख्या बढ़ाकर 5 हजार तक पहुंचाई है. संघ ने चुनाव से पहले बंगाल में 1.75 लाख से अधिक बैठकें आयोजित कर घर-घर संपर्क साधा. संघ की माइक्रो प्लानिंग और स्वयंसेवकों की फौज ने BJP को बंगाल में ऐतिहासिक सफलता दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई.