अमरनाथ यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खुशी की खबर है. यात्रा के लिए तैयारी पूरी हो चुकी है और तारीख का ऐलान भी पहले ही हो गया था. अब प्री रजिस्ट्रेशन की तारीख (Amarnath Yatra Pre Registration Date) भी सामने आ गई है. इस साल 3 जुलाई से शुरू होने वाली यात्रा 9 अगस्त तक चलेगी. इसके प्री रजिस्ट्रेशन 14 अप्रैल से शुरू होने जा रहे हैं. बता दें कि बाबा अमरनाथ मंदिर दक्षिण कश्मीर में 3,880 मीटर ऊंचाई पर स्थित है. रजिस्ट्रेशन के लिए देशभर के बैंकों की अधिकृत शाखाओं और हेल्थ सर्टिफिकेट बनाने के लिए राज्यों और उनके अस्पतालों और डॉक्टर्स की टीमों के बारे में जानकारी जल्द दे दी जाएगी.
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बाबा अमरनाथ धाम यात्रा के लिए प्री रजिट्रेशन
बाबा अमरनाथ धाम तीर्थ यात्रा पूरे 38 दिन तक चलेगी. श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और दिशा-निर्देशों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है. श्राइन बोर्ड की तरफ से कहा गया है कि अमरनाथ आने वाले तीर्थयात्री 14 अप्रैल से प्री रजिट्रेशन करवा सकते हैं.
ग्रुप में अमरनाथ जाने वाले अभी इंतजार करें
जो तीर्थ यात्री ग्रुप में बाबा अमरनाथ की यात्रा पर आना चाहते हैं, उनके लिए अलग से दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि हेलीकाप्टर से अमरनाथ धाम तीर्थयात्रा की बुकिंग अभी शुरू नहीं हुई है. यात्रा शुरू होने में अभी काफी समय है, इसलिए सभी अहम जानकारियों को सिलसिलेवार तरीके से जारी किया जाएगा. इसके साथ ही आधार शिविरों में आवासीय सुविधा के बारे में भी बताया जाएगा.
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई से हो रही शुरू
बता दें कि इस साल अमरनाथ धाम यात्रा 3 जुलाई को दोनों मार्गों - अनंतनाग जिले में पहलगाम मार्ग और गांदरबल जिले में बालटाल मार्ग के रास्ते एक साथ शुरू होगी. मार्च के शुरुआत में हुई एक बैठक में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं और सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई.
चर्चा इस बात पर भी हुई कि जरूरत के हिसाब से बालटाल, पहलगाम, नुनवान और पंथा चौक श्रीनगर में भी इन सुविधाओं को उचित रूप से बढ़ाया जाए. श्रीनगर के पंथा चौक स्थित यात्री निवास में क्षमता बढ़ाने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया.
बैठक में गुफा क्षेत्र में भीड़भाड़ कम करने के उपाय, आपदा प्रबंधन की तैयारी, हेलीकॉप्टर सेवाओं की पर्याप्त व्यवस्था, चिकित्सा देखभाल सुविधाएं, मौसम पूर्वानुमान बुनियादी ढांचे और सुरक्षा समेत अन्य मुद्दों पर भी विस्तार से चर्चा हुई थी.