भव्य तरीके से सजाया गया शिवलिंग, आज कुछ इस तरह से की गई 46 साल बाद खुले संभल के मंदिर में पूजा

जिला प्रशासन ने कुंए और मंदिर की ‘कार्बन डेटिंग’ के लिए भारतीय पुरात्व सर्वे को पत्र लिखा है. ‘कार्बन डेटिंग’ प्राचीन स्थलों से मिली पुरातत्विक कलाकृतियों के काल निर्धारण की एक प्रविधि है. प्रशासन ने कहा कि भक्तों ने मंदिर में जाना शुरू कर दिया है और इसकी चौबीसों घंटे सुरक्षा की जा रही है.

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ये मंदिर साल 1978 से बंद था, जिसे हाल ही में खोला गया है.
संभल:

संभल जिले में 46 वर्षों तक बंद रहने के बाद पिछले सप्ताह खोले गए मंदिर में आज भव्य तरीके से पूजा अर्चना हुई. मंदिर में जमा हुए भक्तों ने सुबह सबसे पहले मंदिर की सफाई की. उसके बाद हनुमान जी की मूर्ति और शिवलिंग का श्रृंगार किया गया. पूजा के लिए भगवान शिव को महाकाल की तरह सजाया गया. जबकि हनुमानजी को चोला चढ़ाया गया. संभल के खग्गू सराय में स्थित इस शिवमंदिर में दूर-दूर से लोग आ रहे हैं. दूसरे शहरों से श्रद्धालु यहां पहुंच रहे हैं और पूजा कर रहे हैं.

भव्य तरीक से सजाया गया मंदिर

श्री कार्तिक महादेव मंदिर (भस्म शंकर मंदिर) को 13 दिसंबर को पुनः खोल दिया गया था, जब अधिकारियों ने कहा था कि अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान उन्हें यह ढांचा मिला था.

यह मंदिर खग्गू सराय इलाके में स्थित है, जो शाही जामा मस्जिद से सिर्फ एक किलोमीटर दूर है. ये मंदिर 46 सालों से बंद था. 

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मंदिर में भगवान हनुमान की मूर्ति और शिवलिंग स्थापित था. यह 1978 से बंद था.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, संभल में 1978 में हुए दंगे में काफी लोग मारे गए थे. इलाके में दहशत थी. इसके बाद मंदिर के पंडित अपना घर बेचकर चले गए और मंदिर में ताला लगा गए. 

मंदिर के पास एक कुआं मिला है. जिसकी खुदाई कल की गई थी. 

22 कूपों के अंदर जब खुदाई हो रही हैं, तो उसमें खंडित मूर्तियां मिल रही हैं. ये मंदिर कितना पुराना है, इसके लिए ASI से मदद ली जाएगी.

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