संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण के संशोधन बिल लोकसभा में पास नहीं हो सका. बिल पास कराने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी जबकि बिल के पक्ष में 298 और विपक्ष में 230 वोट पड़े. इसे लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं की तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. बीजेपी नेता जहां इसे नारी शक्ति का अपमान और आधी आबादी से विश्वासघात बता रहे हैं, वहीं विपक्ष का कहना कि ये महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन बिल था. हम महिलाओं के आरक्षण के खिलाफ नहीं हैं. जानें किसने क्या कहा-
अमित शाह, बीजेपी नेता और केंद्रीय गृह मंत्री
आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया. महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है. अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा... मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी. विपक्ष को ‘महिलाओं का आक्रोश' न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा.
नितिन नवीन, राष्ट्रीय अध्यक्ष, भाजपा
कांग्रेस के एंटी वूमेन अलायंस ने देश की आधी आबादी के साथ विश्वासघात करने का काम किया है. कांग्रेस का एंटी वूमेन अलायंस पूरी तरह उजागर हो गया है. हम इस विषय को लेकर सड़क पर उतरेंगे. आने वाले समय में महिलाएं इसका करारा जवाब देंगी.
अखिलेश यादव, सपा प्रमुख
हमने अपना पक्ष साफ रखा है... हम महिला आरक्षण के पक्ष में है, महिलाओं को आरक्षण मिले, उन्हें सुरक्षा मिले, उनका सम्मान बढ़े, लोकतंत्र में जो उनको स्थान मिलना चाहिए, हम उसके पक्ष में हैं. समाजवादी पार्टी या विपक्ष ने महिला आरक्षण को लेकर विरोध नहीं किया लेकिन उसके साथ ये जो महिलाओं के अधिकारों का हरण करना चाहते थे, विपक्ष ने ऐसी लक्ष्मण रेखा खींची कि वे उस लक्ष्मण रेखा के पार नहीं आ पाए.
के.सी. वेणुगोपाल, कांग्रेस सांसद
वे महिला आरक्षण नहीं चाहते, वे महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन चाहते थे. वे निर्वाचन क्षेत्रों में अपने हिसाब से बांटना चाहते हैं जिससे उनकी सरकार बनी रहे.
प्रह्लाद जोशी, केंद्रीय मंत्री
आज पूरे देश ने देखा कि कौन महिला आरक्षण के पक्ष में है और कौन महिला आरक्षण के खिलाफ है... कांग्रेस पार्टी के कारण देश ने ऐतिहासिक अवसर खो दिया. लोग कांग्रेस पार्टी को सबक सिखाएंगे.
रामदास अठावले, केंद्रीय मंत्री
कांग्रेस पार्टी और विपक्ष महिला विरोधी हैं और यह लोकतंत्र के लिए दुखद है. महिला आरक्षण बिल को पहले इन्होंने समर्थन दिया लेकिन फिर राजनीति करके कांग्रेस और विपक्ष ने महिलाओं को मिलने वाले आरक्षण में अवरोध पैदा किया.
अरविंद केजरीवाल, AAP नेता
आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर कहा कि संसद में डिलिमिटेशन बिल फेल हुआ... मोदी जी के अहंकार की हार हुई... मोदी सरकार की उल्टी गिनती शुरू.
जगदंबिका पाल, भाजपा सांसद
आज विपक्ष का चेहरा उजागर हो गया. मोदी सरकार 2034 की जगह 2029 में महिला आरक्षण ला रही है तो किस बात का विरोध? ...ये कभी भी महिलाओं को आरक्षण नहीं देना चाहते. ये देश की आधी आबादी का अपमान है.
मनीष तिवारी, कांग्रेस सांसद
यह महिला आरक्षण विधेयक था ही नहीं, यह परिसीमन विधेयक था. हम लगातार सरकार से कहते रहे हैं कि आप 543 सीटों पर 181 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित कर दें... लेकिन सरकार की मंशा साफ नहीं थी... यह मूल रूप से परिसीमन का विधेयक था.
के. कविता, तेलंगाना जागृति की नेता - भाजपा ने एक बार फिर देश की महिलाओं के साथ धोखाधड़ी की है. सरकार अच्छी तरह जानती थी कि इस बिल को परिसीमन से जोड़ा गया, तो विपक्ष इसके पक्ष में मतदान नहीं करेगा. उनके पास पर्याप्त संख्या बल था नहीं. इस तो गिरना ही था... देश की महिलाएं भाजपा के इस वैचारिक धोखे और छलावे के जाल को पहचानें और कड़ा सबक सिखाएं.
बांसुरी स्वराज, भाजपा सांसद -आज तो वचनपूर्ति का दिन था. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लागू करवाने का दिन था, ऐसा लगता है कि कांग्रेस पार्टी और पूरे INDIA गठबंधन पर सिर्फ राजनीतिक स्वार्थ हावी हुआ. उन्होंने महिलाओं के साथ धोखा, विश्वासघात किया है.
कंगना रनौत, भाजपा सांसद - सारी बेटियों, महिलाओं का मनोबल गिरा दिया गया. मुझे नहीं लगता कि इस तरह की उम्मीद किसी ने भी विपक्ष ने की थी. मुझे यह व्यक्तिगत क्षति लग रही है... जैसा प्रधानमंत्री ने कहा कि हम महिलाओं को उनका हक दिलाकर रहेंगे, तो हमें प्रधानमंत्री मोदी पर विश्वास है.
तेजस्वी सूर्या, भाजपा सांसद - यह देश के लोकतंत्र के लिए बहुत दुखद दिन है... हमारे पास नीति निर्माण में महिलाओं को उनका अधिकार देकर इतिहास बनाने का मौका था लेकिन कांग्रेस पार्टी ने फिर एक बार देश की महिलाओं को धोखा दिया है.
देखें- लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण बिल,नहीं मिल पाया दो तिहाई बहुमत, चाहिए थे 352 वोट मिले 298














