इंसान से बगावत की तैयारी कर रहा AI? जाने-माने एक्सपर्ट का होश उड़ाने वाला खुलासा, जानिए क्या देखा

India AI Summit 2026: एआई के पितामह कहे जाने वाले योशुआ बेंजियो ने इसे लेकर कई ऐसी भविष्यवाणी की है जो डराने वाली हैं. उन्होंने कहा है कि कई बार एआई इंसानों के इंस्ट्रक्शन को भी इग्नोर कर रहा है.

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एआई के पितामह योशुआ बेंजियो (फाइल फोटो)
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  • AI के पितामह कहे जाने वाले जोशुआ बेंजियो ने इसे लेकर कई खतरनाक भविष्यवाणी की है
  • बेंजियो ने कहा कि 2024 दिसंबर के बाद AI ने कई ऐसी चीजें की हैं जो डराने वाली हैं
  • उन्होंने कहा कि AI ने इस दौरान इंसानों द्वारा दिए जाने वाले इंस्ट्रक्शन को भी इग्नोर किया है
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नई दिल्ली:

AI के 'गॉडफादर' कहे जाने वाले मशहूर कंप्यूटर वैज्ञानिक योशुआ बेंजियो (Yoshua Bengio) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर ऐसे खुलासे किए हैं जो आपको सोचने पर मजबूर कर देगा. जिस AI ने पूरी दुनिया में बड़े बदलाव कर दिए हैं. वो AI अब अपने बनाने वालों के नियंत्रण से बाहर जाने के भी तरीके ढूंढ रहे हैं. यहां तक कि कई बार AI ने कोशिश भी की है. बेंजियो ने बताया है कि पहले इन बातों को हम सैद्धांतिक (Theoretical) मानते थे. यानी जो चीजें किताबों में हैं लेकिन असल में दिख नहीं रही थी. लेकिन पिछले साल से चीजें बिल्कुल बदलती दिख रही हैं. 

AI पर कई बड़े खुलासे 

बेंजियो ने एक इंटरव्यू में ऐसे-ऐसे खुलासे किए हैं जो आपको फिक्शन मूवी या फिक्शन किताब की तरह लग सकती हैं. लेकिन, अब वो हकीकत दिख रहा है. AI के 'पितामह' बेंजियो ने कहा कि दिसंबर 2024 से पहले हम एआई से होने वाले खतरों पर केवल सैद्धांतिक तौर पर विचार करते थे. यानी जो अभी हकीकत नहीं है. लेकिन 2024 में हमने देखा कि AI हमारे आदेश की ही मुखालफत कर रहा था. यहां तक कि हमारे इंजीनियर के कोड के खिलाफ जाकर वो अपने हिसाब से चीजें करने की कोशिश कर रहा था. उन्होंने बताया कि एआई अपने हिसाब से गोल तक सेट करने लगा. बेंजियो ने कहा कि इंसान जो AI के इंस्ट्रक्शन दे रहा था वो उसके परे जाकर खुद अपना सोर्स ढूंढने में लगा था. 

बेंजियो की जानकारी डराने वाली 

बेंजियो की बातें कई हॉलीवुड और बॉलीवुड की फिल्मों जैसी लग रही हैं. पर जब उन्होंने सिलसिलेवार तौर पर इसके बारे में जानकारी देनी शुरू की तो इसके खतरे का भी अहसास हो रहा है. उन्होंने कहा कि जब प्रयोगशाला में AI को इंस्ट्रक्शन दिए जा रहे थे तो वो हमारे नियंत्रण से बाहर जाने का लक्ष्य भी ढूंढ रहा था. AI यहां तक कोशिश कर रहा था कि हम उसके सिस्टम को शटडाउन नहीं कर पाएं. 

फिक्शन जैसी बात नहीं रही अब 

उन्होंने कहा कि पहले ये आपको एक फिक्शन जैसा लग सकता था लेकिन अब ये सारी बातें डॉक्यूमेंट में हैं. ये सारी चीजें प्रयोगशाला में की गई हैं. AI इस दौरान कोशिश कर रहा था कि वो हमारे इंस्ट्रक्शन से बाहर जाए. उन्होंने आगे जो बात बताई वो तो और चौंकाने वाली थी. बेंजियो ने कहा कि AI सिस्टम ये कोशिश कर रहा था कि नए वर्जन वाले एआई को भी रोका जाए. यहां तक कि इस चीज को रोकने के लिए वो कुछ ऐसी बुरी चीजें भी करने की कोशिश कर रहा था जो आपको चौंका देंगी. AI लीड इंजीनियर को ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था. 

AI का मिसयूज अब पुख्ता बात 

बेंजियो ने कहा कि AI ये मान रहा था कि वो ई-मेल लीड इंजीनियर को भेज रहा था. ये सभी प्लांटेड ई-मेल थे. उन्होंने बताया कि इससे हमें साफ पता चलता है कि AI किस दिशा में सोच सकता है या सोच रहा है. बेंजियो ने बताया कि वो अपने में बदलाव करके ऐसा करने की कोशिश कर रहे हैं. ये चिंताजनक है. बेंजियो ने कहा कि ये चिंता कि AI पर हमारा नियंत्रण खत्म हो सकता है और इसका मिसयूज हो सकता है पहले एक सिद्धांत था लेकिन अब ये बात पुख्ता तौर पर कही जा सकती है. 

परमाणु बम से खतरनाक AI हथियार  

भविष्य में चीन-अमेरिका के बीच AI हथियारों की संभावित रेस को लेकर योशुआ चेताते हैं. वह इसे परमाणु हथियारों से भी खतरनाक बताते हैं और सुझाव देते हैं कि मिल बैठकर AI की हद तय की जानी चाहिए. योशुआ कहते हैं, 'एक-दूसरे पर बढ़त हासिल करने के लिए AI हथियारों की दौड़ पूरी दुनिया के लिए विनाशकारी साबित होगी. इसे आप ऐसे देख सकते हैं कि जैसे कई परमाणु हथियार जमा कर लिए जाएं. ऐसे में परमाणु प्रलय की नौबत तय है. हमने हीरोशिमा और नागासाकी देखा है. सिर्फ जापान ने इसे नहीं भुगता है, इसके मनोवैज्ञानिक असर की जद में पूरी दुनिया आई है. AI पर आगे बढ़ने की सीमा आपसी बातचीत से तय करने की जरूरत है. क्योंकि एक देश में ईजाद किए गए AI मॉडल का दूसरे देश में दुरुपयोग किया जा सकता है और तीसरे देश इसका खामियाजा भुगत सकता है. साइबर और बायो वेपन की बात करें, ऐसे मॉडल विकसित करना किसी देश के हित में नहीं है. AI मॉडल विकसित करते समय अगर कभी भी ऐसा लगे कि यह इंसानी हद से बाहर जा रहा है, तो मिलकर बैठकर इस पर बात करने की जरूरत है. न्यूक्लियर की तरह AI संधि के जरिए नियम-कायदे तय करने चाहिए.

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गौरतलब है कि लंबे समय तक मशहूर यूनिवर्सिटी द मंट्रेयल के प्रोफेसर रहे बेंजियो भारत में आयोजित AI सम्मेलन में शामिल हो रहे हैं. दिल्ली में 16-20 फरवरी तक आयोजित इस सम्मेलन में दुनियाभर के 40 CEO, 20 राष्ट्राध्यक्ष शामिल हो रहे हैं. 
 

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