नेपाल के पीएम बालेन शाह की पार्टी के अध्यक्ष भारत क्यों आए, BJP की क्या है इसके पीछे भूमिका

नेपाल के पीएम बालेन शाह के बयान को लेकर उनके ही देश में माहौल गरमाया हुआ है. ऐसे में उनकी पार्टी के अध्यक्ष का भारत दौरा कितना महत्वपूर्ण है इस बारे में भारत में नेपाल के पूर्व राजदूत लोक राज बराल ने खुलकर बात की.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
बीजेपी के महासचिव अरुण सिंह ने नेपाली प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया.
फटाफट पढ़ें
Summary is AI-generated, newsroom-reviewed
  • राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी का प्रतिनिधिमंडल भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर नई दिल्ली पहुंचा है.
  • प्रतिनिधिमंडल का स्वागत भाजपा के महासचिव अरुण सिंह ने किया .
  • रवि लामिछाने भारत में बीजेपी के शीर्ष नेताओं, विदेश मंत्री एस जयशंकर और विदेश सचिव से मुलाकात करेंगे
क्या हमारी की समरी आपके लिए उपयोगी रही ?
हमें बताएं

नेपाल के नवनियुक्त प्रधानमंत्री बालेन शाह की पार्टी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के अध्यक्ष और नेपाल के पूर्व उप-प्रधानमंत्री रवि लामिछाने आज भारत पहुंचे. वो भारत की पांच दिवसीय यात्रा पर हैं. उनके साथ राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल भी आज दोपहर नई दिल्ली पहुंचा. आईजीआई हवाई अड्डे पर बीजेपी के महासचिव अरुण सिंह ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया. बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन के निमंत्रण पर आरएसपी का एक प्रतिनिधिमंडल भारत पहुंचा है.

रवि लामिछाने अपने भारत दौरे के दौरान भाजपा के कई शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे. वे अपने दौरे के दौरान अयोध्या भी जाएंगे. लामिछाने भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर, विदेश सचिव विक्रम मिसरी और भाजपा के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे. 

भारत बुलाने का मकसद?

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विदेश मामलों के विभाग प्रभारी विजय चौथाईवाले ने एक बयान में बताया कि इस यात्रा का उद्देश्य आरएसपी और भाजपा के बीच पार्टी-स्तरीय संवाद शुरू करना तथा संगठनात्मक कार्यप्रणाली, लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और जन-केंद्रित राजनीतिक पहुंच जैसे विषयों पर विचारों का आदान-प्रदान करना है. उधर, काठमांडू में बयान जारी कर आरएसपी ने कहा, 'लामिछाने अयोध्या की निजी यात्रा के साथ-साथ भारत में नेपाली समुदाय और पार्टी के शुभचिंतकों से भी मुलाकात करेंगे.'

नेपाल के पूर्व राजदूत ने पूरी बात समझाई

भारत में नेपाल के पूर्व राजदूत लोक राज बराल ने आईएएनएस को बताया कि भारत का यह चाहना स्वाभाविक है कि वह उस पार्टी के साथ अच्छे संबंध रखे जिसने नेपाल में महत्वपूर्ण जनादेश हासिल किया है. उन्होंने कहा, "आरएसपी अध्यक्ष की यात्रा दोनों पक्षों के बीच राजनीतिक समझ बनाने का अवसर हो सकती है, हालांकि कुछ कठिन द्विपक्षीय मुद्दे अभी भी अनसुलझे रह सकते हैं." लोक राज बराल ने कहा कि विदेशी नेताओं से मिलने में अत्यधिक प्रोटोकॉल का पालन और समान दूरी की नीति व्यावहारिक रूप से सही नहीं है. उन्होंने कहा कि “विदेशी प्रतिनिधियों से मुलाकात का निर्णय राष्ट्रीय हित के आधार पर होना चाहिए, ना कि केवल प्रोटोकॉल पर. समान दूरी की नीति सिद्धांत रूप में आकर्षक लग सकती है, लेकिन व्यवहार में यह कठिन है, क्योंकि नेपाल के भारत के साथ संबंधों का दायरा और जटिलता अन्य देशों की तुलना में कहीं अधिक है."

Advertisement

ये भी पढ़ें-

भारत और ऑस्ट्रेलिया रक्षा सहयोग को देंगे नई रफ्तार, समुद्री सुरक्षा से लेकर नई तकनीक पर बढ़ेगा साथ

Featured Video Of The Day
Iran Attack Kuwait: ईरान की मिसाइलों से दहला कुवैत | Trump's New Peace Deal Conditions
Topics mentioned in this article